गौलापार में टाटा कंपनी बिगबास्केट का कलेक्शन सेंटर शुरू, किसानों को मिलेगा सीधा बाजार
हल्द्वानी, 23 अप्रैल: उत्तराखंड के किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए टाटा कंपनी बिगबास्केट ने गौलापार (हल्द्वानी) में अपना नया और उत्तराखंड का पहला कलेक्शन सेंटर शुरू किया। इस पहल को सेतु आयोग के समन्वय से कृषि एवं उद्यान विभाग तथा उत्तराखंड हॉर्टिकल्चर बोर्ड से वार्ता के बाद प्रारंभ किया गया है।
इस अवसर पर सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी, जिन्होंने बिगबास्केट से प्रारम्भिक संवाद स्थापित किया था ने संबोधित किया। उनके साथ बिगबास्केट के चीफ बाइंग एंड मर्चेंडाइजिंग ऑफिसर (CB&MO) श्री सेषु कुमार तिरुमाला एवं नेशनल कैटेगरी हेड (F&V) श्री विनोद कुमार एम.एन. भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस दौरान किसानों को टाटा बिगबास्केट की नीतियों एवं कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गौलापार कलेक्शन सेंटर के माध्यम से किसानों को सीधे सप्लायर के रूप में जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें पारदर्शी मूल्य निर्धारण, समय पर भुगतान एवं सुनिश्चित बाजार की सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही, ग्रेडिंग, गुणवत्ता मानकों और आपूर्ति प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्होंने समझाया कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें अपने उत्पादों के लिए स्थायी एवं बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
यह केंद्र नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर के किसानों से सीधे फार्मगेट पर फल एवं सब्जियों की खरीद करेगा, जिससे किसानों की परिवहन लागत में कमी आएगी और उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। साथ ही, उत्पादों की ग्रेडिंग, संग्रहण एवं शीघ्र आपूर्ति के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर जैसे बड़े बाजारों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर बिगबास्केट के चीफ बिजनेस ऑफिसर श्री शिशु कुमार ने कहा कि उत्तराखंड में उच्च गुणवत्ता एवं ऑर्गेनिक उत्पादों की बड़ी संभावनाएं हैं और यह पहल किसानों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वहीं, सेतु आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राज शेखर जोशी ने इसे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
अगले चरण में कुमाऊं के रामगढ़ क्षेत्र में भी एक नया कलेक्शन सेंटर खोलने की योजना बनाई जा रही है, जिससे वहां के किसानों को भी सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में भी दो और कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे राज्य के अधिकाधिक किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।




