कार्यालय जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, चमोली।
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फोन न0-01372-251437
सख्या 37 / तेरह / आ०प्र० प्रा०/2025-26 दिनांक गोपेश्वर दिनांक 25 अप्रैल, 2026
समस्त विभागाध्यक्ष / कार्यालयाध्यक्ष,
जनपद-चमोली।
विषय – ग्रीष्म ऋतु के दौरान / हीट वेव के दौरान सम्बन्धित आपदाओं/आकस्मिकताओं से बचाव हेतु विभागीय तैयारी एंव प्रबन्धन के सम्बन्ध में।
कृपया उपरोक्त विषयक सचिव, आपदा प्रबन्धन एंव पुनर्वास विभाग उत्तराखण्ड शासन देहरादून के पत्र संख्या-85/USDMA (2026) दिनांक 13 अप्रैल, 2026 के द्वारा अवगत कराया गया है कि राज्य में ग्रीष्म ऋतु के दौरान उच्च तापमान एवं शुष्क परिस्थितियों के कारण विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती है, जो जन-जीवन एवं आधारभूत सेवाओं को प्रभावित करती हैं। इस अवधि में पेयजल स्त्रोतों में कमी आने से जल संकट की स्थिति वन जाती है, जबकि विद्युत की मांग में वृद्धि से आपूर्ति तंत्र पर दवाब बढता है। सूखेपन के कारण वनाग्नि की घटनाओं में वृद्धि होती है, जिससे वन संपदा एवं पर्यावरण को क्षति पहुंचती हैं इसके अतिरिक्त शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटनाएं, पेयजल आपूर्ति में व्यवधान तथा अन्य मौसमी चुनौतियों भी सामने आती है। खाद्य संकट की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है।
उक्त के अतिरिक्त मैदानी जनपदों में हीट वेव की स्थिति विशेष रूप से जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न करती है। अत्यधिक तापमान के कारण लू लगने, डिहाइड्रेशन एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ जाता है, जिससे बुजुगों, बच्चों गर्भवती महिलाओं एंव बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों पर विशेष प्रभाव पडता है। ऐसी परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त्त दबाव पडता है तथा समय पर राहत एवं बचाव उपायों की आवश्यकता बढ जाती है। अतः हीट वेव के प्रभावी प्रबंधन हेतु पूर्व चेतावनी, जनजागरूकता एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उपरोक्त परिस्थितियों के दृष्टिगत ग्रीष्म ऋतु में सम्बन्धित विभाग निम्नलिखित कार्यवाहियों करना सुनिश्चित करेगें-
- चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग जनपद अन्तर्गत जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (PHC) में हीट वेव से होने वाली सम्भावित बीमारियो से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बैड आरक्षित किए जाएं। आवश्यक दवाईयां की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी अस्पतालों में चिकित्सकों एवं पेरा मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए। हीट र्वेव से बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। बच्चों, बुज्जुगों, गर्भवती महिलाओं एवं श्रमिकों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- जल सस्थान / जल निगम सभी क्षेत्रों में नियमित एवं निर्वाध जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त जल टैंकरों की व्यवस्था की जाए। जल स्रोतों का नियमित क्लोरीनेशन किया जाए। पेयजल की गुणवत्ता की समय पर जाँच सुनिश्चित की जाए। दूषित जल की आपूर्ति
- पूर्णतः प्रतिबंधित रहे। अस्पतालों, विद्यालयों, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि
lसार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की विशेष व्यवस्था की जाए। विभागीय हेल्पलाइन नम्बर सकिय एवं सुचारू रूप से संचालित रहे। नागरिकों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल सेवन हेतु प्रेरित किया जाए। उबला/फिल्टर किया हुआ पानी उपयोग करने हेतु जागरूकता बढ़ाई जाए। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अस्थायी प्याउ / जल वितरण केन्द्र स्थापित किए जाए।
- अग्निशमन विभाग सभी फायर टेन्डर एवं उपकरण पूर्णतः कार्यशील स्थिति में रखे जाएं। बाजार, औद्योगिक क्षेत्र, गोदाम, पेट्रोल पम्प, झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए। उच्च जोखिम वाले स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जाए। किसी भी अग्निकाण्ड की सूचना पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए। नागरिकों को आग से बचाव के उपायों के प्रति जागरू करेगा। बिजली उपकरणों के सुरक्षित उपयोग एवं खुली आग से बचने की सलाह दी जाए। फायर हाइड्रेन्ट एवं अन्य जल स्रोतों की नियमित जाँच की जाए।
- शिक्षा विभाग- विद्यालयों में स्वच्छ एवं ठण्डे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विद्यार्थियों को नियमित रूप से पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाए। विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। हीट वेव के दृष्टिगत प्रत्येक विद्यालय में नियमित अन्तराल पर वाटर वेल बचाई जाए, जिससे छात्र-छात्रा नियमित अन्तराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित किया जा सकें।
- विद्युत विभाग सभी क्षेत्रों में निरंतर एवं निर्बध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। लोड मैनेजमेंट का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। ट्रांसफॉर्मर, फीडर एवं सब-स्टेशन की नियमित जाँच एवं मरम्मत की जाए। ओवरलोडिंग से बचाव हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्कालिक मरम्मत दल तैनात रहें। अस्पताल, जल संस्थान, रेलवे स्टेशन एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता से विद्युत आपूर्ति दी जाए। शॉर्ट सर्किट एवं आग की घटनाओं से बचाव हेतु नियमित निरीक्षण किया जाए। र्जजर तारों एवं उपकरणों को समय पर बदला जाए। उपभोक्ताओं को बिजली के सुरक्षित उपयोग एवं अनावश्यक खपत कम करने हेतु जागरूक किया जाए।
- नगर पालिका/नगर पचायत/ जिला पंचायत / ग्राम्य विकास विभाग- नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। कचरा एवं गन्दगी का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ पेयजल एवं प्याउ की व्यवस्था की जाए। बाजार, बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन आदि स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाए। नाली एवं जल निकासी प्रणाली की नियमित सफाई की जाए। जल जमा होने से रोकने हेतु उचित प्रबंध किए जाएं। मच्छर जनन रोकने हेतु फागिंग एवं कीटनाशक का छिड़काव किया जाए। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं। नागरिकों को हीट र्वेव से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए। बस अड्डो एंव भीड-भाड वाले स्थान पर शैड का निर्माण किया जाए।
- पशुपालन विभाग- पशुओं को स्वच्छ एवं ठण्डा पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जाँच की जाए। अस्वस्थ पशुओं के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। पशुओं को ताजा एवं पौष्टिक चारा उपलब्ध कराया जाए। गर्मी के समय भारी एवं बासी चारा देने से बचा जाए। पशुपालकों को हीट र्वेव से पशुओं को होने वाले नुकसान एवं बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जाए। पशु चिकित्सालयों में पशु चिकित्सकों एंव पर्याप्त दवाईयो की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- वन विभाग- सभी संवेदनशील वन क्षेत्रों में फायर लाइन (आग रोधी पट्टी) की साफ-सफाई कराई जाए। प्रत्येक रेन्ज में फायर फाईटिंग टीम तैयार एवं सक्रिय रखी जाए। अग्निमन उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्थानीय लोगों एवं पर्यटकों को जागरूक किया जाए।
- करने हेतु प्रचार-प्रसार किया जाए। लीसा डिपो के चारों ओर फायर लाइन (आग रोधी पट्टी) की साफ-सफाई कराई जाए। डिपो क्षेत्र में धूम्रपान, आग जलाना एवं ज्वलनशील गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबन्ध रखा जाए फायर फाईटिंग उपकरण की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डिपो के अन्दर और आस-पास सूखी घास, पत्तियों आदि को हटाया जाए। पानी की व्यवस्था एवं आवश्यकता अनुसार टैंकर उपलब्ध रखा जाए।
- श्रम विभाग- जनपद अन्तर्गत समस्त कार्य स्थलों पर पर्याप्त पेयजल, छाया एवं विश्राम स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। निर्माण स्थलों एवं औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी ठेकेदारों एवं नियोक्ताओं को इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराने हेतु निर्देशित किया जाए।
- सूचना विभाग- विभिन्न संचार माध्यमों (टी०वी०, रेडियो, समाचार पत्र, सोशल मीडिया आदि) के माध्यम से हीट वेव से बचाव हेतु सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
जनपद अन्तर्गत ग्रीष्म ऋतु में समस्त विभागो के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किये जाने एवं समय-समय पर हीट वेव से सम्बन्धित सूचनाओ को उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण देहरादून को उपलब्ध कराये जाने हेतु श्री नन्द किशोर जोशी जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी चमोली को नोडल अधिकारी नामित किया जाता है।
करेगें। अतएव सर्वसम्बन्धित अधिकारीगण उपरोक्तानुसार आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित
(गौरव कुमार) जिलाधिकारी, चमोली ।
प्रतिलिपि – निम्नाकित को सूचनार्थ प्रेषित।




