Uttarakhand City news
RTE अनुपालन, फीस पारदर्शिता, छात्र सुरक्षा और समग्र विकास पर विशेष जोर: निजी विद्यालयों को जिलाधिकारी के निर्देश
पाठ्यक्रम से आगे बढ़कर व्यक्तित्व विकास पर जोर, परिवहन शुल्क बढ़ोतरी पर जिलाधिकारी की निजी विद्यालयों की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में जनपद के निजी विद्यालयों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, पारदर्शिता, शुल्क नियंत्रण, विद्यालयी व्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का आधार है, इसलिए सभी विद्यालय गुणवत्तापूर्ण, उत्तरदायी एवं संवेदनशील शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने राइट टू एजुकेशन (RTE) के अंतर्गत अध्ययनरत सभी पात्र छात्रों को समयबद्ध प्रतिपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया कि प्रवेश शुल्क केवल एक बार लिया जाए तथा अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से पुस्तकें, ड्रेस या अन्य सामग्री खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए।
साथ ही शुल्क वृद्धि पूरी तरह तार्किक, पारदर्शी एवं अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए ही की जाए तथा शुल्क संरचना को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाए।
छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरों की समुचित एवं कार्यशील व्यवस्था सुनिश्चित करने, किसी भी प्रकार का “डार्क जोन” न रहने, छात्राओं की सुरक्षा हेतु महिला परिचालक की अनिवार्यता तथा विद्यालयी वाहनों फर्स्ट एड किट एवं अग्निशमन उपकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
प्र मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में RTE का पालन एवं एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू किया जा रहा है साथ ही छात्रों के स्कूल बैग का वजन निर्धारित मानकों के अनुरूप रखा जा रहा है।
विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में एंटी ड्रग क्लब, रोड सेफ्टी क्लब, इको क्लब, ग्रीन क्लब एवं हेल्थ एवं वेलनेस क्लब के गठन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्लबों के माध्यम से बच्चों को नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CWSN) के लिए समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से मेंटल काउंसलिंग, करियर गाइडेंस एवं जीवन कौशल प्रशिक्षण आयोजित करने पर जोर दिया।
उन्होंने विद्यालय परिसरों में स्वच्छता, हरित वातावरण, नियमित आपदा प्रबंधन अभ्यास (ड्रिल) एवं साइबर सुरक्षा एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
विद्यालयी परिवहन शुल्क के संबंध में जिलाधिकारी ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि “एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाने पर बच्चे के वजन में इतना अंतर नहीं आता कि किराया बढ़ाना अनिवार्य हो जाए”, जिससे उन्होंने अनावश्यक शुल्क वृद्धि पर रोक लगाने का स्पष्ट संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालय केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारी के निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रतिभाशाली छात्रों के साथ-साथ सामान्य एवं कमजोर वर्ग के छात्रों को भी समान रूप से प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर ही की जाए, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वास बना रहे।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालय प्रबंधकों से अपेक्षा की कि वे नियमों का पूर्ण अनुपालन करते हुए एक पारदर्शी, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली विकसित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अभिभावकों के साथ अन्याय किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जनपद के उन सभी विद्यालय प्रबंधकों एवं उनकी टीम को शुभकामनाएं एवं बधाई दी, जो निर्धारित आरटीई प्रावधानों से अधिक संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
जिलाधिकारी ने अन्य निजी विद्यालयों के प्रबंधकों से भी अपील की कि वे अधिक से अधिक ऐसे जरूरतमंद बच्चों को अपने विद्यालयों में प्रवेश देकर उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराएं, ताकि समाज के हर वर्ग तक शिक्षा का लाभ समान रूप से पहुंच सके।
बैठक में प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी मान सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी भारत जोशी, जनपद के विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।




