टनकपुर-: Op Agnihotri उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर सिखों के पवित्र धाम तख्त श्री हज़ूर साहिब (नांदेड़ साहिब) के लिए टनकपुर से सीधी रेल सेवा शुरू करने की घोषणा तो हो गई, लेकिन ज़मीनी हकीकत अब भी इंतज़ार में अटकी हुई है।
मुख्यमंत्री धामी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर टनकपुर-नांदेड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग रखी थी, जिसे रेल मंत्रालय ने मंजूरी देते हुए 14 जनवरी से संचालन को रेल कोच भी पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं, पीलीभीत जनपद के शाही रेलवे स्टेशन पर 22 कोचों से सुसज्जित नया रैक भी पहुंच चुका है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि घोषणा के तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस ट्रेन का संचालन अब तक शुरू नहीं हो सका है। अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा समाप्त होने को है, फिर भी रेलवे विभाग की ओर से कोई स्पष्ट तिथि या तैयारी सामने नहीं आई है।
पूर्वोत्तर रेलवे इज्जत नगर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक संजीव शर्मा ने बताया कि टनकपुर नांदेड़ तक साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का प्रस्ताव है जिसके लिए रेलवे बोर्ड से तारीख का इंतजार किया जा रहा है यह ट्रेन नांदेड़ से ही टनकपुर के लिए चलाने के लिए प्रस्तावित है जैसे ही इस एक्सप्रेस ट्रेन की तारीखों का ऐलान होगा तभी यह ट्रेन का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इस देरी से खासकर सिख श्रद्धालुओं में निराशा बढ़ रही है, जो टनकपुर से सीधे नांदेड़ तक यात्रा की सुविधा का लंबे समय से इंतज़ार कर रहे हैं। यह ट्रेन उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच धार्मिक और सामाजिक संपर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जब ट्रेन का रैक तक तैयार है, तो फिर संचालन में देरी क्यों हो रही है? अब सबकी नजरें रेलवे मंत्रालय पर टिकी हैं कि आखिर कब यह बहुप्रतीक्षित ट्रेन पटरी पर दौड़ेगी।




