उत्तराखण्ड

ब्रेकिंग-:उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ हुआ नाराज,शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी में लगाए जाने पर खफा,लिखा पत्र।।

नैनीताल-: कोरोना काल के बाद पटरी पर धीरे-धीरे लौट रहां शैक्षिक पाठ्यक्रम मैं अब और रुकावट आने वाली है प्रशासन ने जनपद में शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ कार्य हेतु लगाई है ड्यूटी लगाए जाने से शिक्षको एवं शिक्षक संगठन में अब रोष पनपने लगा है संगठन ने रोष व्यक्त करते हुए पत्र लिखा है


माननीय शिक्षा मंत्री द्वारा समय-समय पर शिक्षकों से शिक्षण कार्य की अतिरिक्त कोई भी गैर शैक्षाणिक कार्य न कराए जाने के प्रशासन को निर्देश दिए जाने के उपरांत भी जनपद नैनीताल जिला प्रशासन एवं तहसील प्रशासन द्वारा शिक्षा मंत्री के निर्देशों को ताक पर रखकर एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम-2009 की धज्जियां उड़ाते हुए पुनः शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी में लगाए जाने से शिक्षकों में एवं संगठन में गहरा रोष व्याप्त है संगठन भी पूर्व में अनेकों बार शिक्षकों की केवल शिक्षण कार्य के अलावा अन्य गैर शैक्षणिक कार्य न कराए जाने का समय समय पर अनुरोध/विरोध करते आ रहा है इसके उपरांत भी वर्तमान में शिक्षकों को बीएलओ कार्य में लगाए जाने से उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन जनपद नैनीताल में गहरा रोष व्याप्त है इस तरह की किसी भी ड्यूटी लगाए जाने का उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन पुरजोर विरोध करता है |
शिक्षा का अधिकार के तहत BLO duty नही लगाई जा सकती हैं।
आपातकाल,निर्वाचन और जनगणना के अतिरिक्त किसी भी ड्यूटी के लिए शिक्षक को बाध्य नही किया जा सकता हैं।
निर्वाचन से आशय मतदान और मतगणना से हैं।
BLO का कार्य निर्वाचन में नही हैं ये वर्ष भर चलने वाला कार्य हैं।
शिक्षकों को बीएलओ कार्य में लगाने से शिक्षण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहता है जिससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली गरीब जनता के बच्चों के साथ अन्याय भी होता है |
अत: उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन जनपद नैनीतात, नैनीताल के शिक्षकों से अपील करता है कि अगर किसी भी शिक्षक की बीएलओ ड्यूटी लगाई जाती है तो वह उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संगठन के संज्ञान में लाए और इस तरह की ड्यूटी का पुरजोर विरोध करें|
साथ ही शीघ्र ही इस प्रकार की ड्यूटी लगाई जाने का पुरजोर विरोध विभागीय अधिकारी एवं प्रशासन के सम्मुख भी किया जाएगा|
शिक्षकों से इस तरह के गैर शैक्षणिक कार्य न कराए जाने का उत्तराखंड सरकार द्वारा शासनादेश भी जारी किया गया परंतु उक्त शासनादेश को दरकिनार करते हुए पुनः शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी में लगाया जाना छात्र और विद्यालय हित में उचित नहीं है।

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