अल्मोड़ा

(बड़ी खबर)पंतनगर किसान मेले का हुआ समापन. लगे स्टाल से ही 28 लाख की करी कमाई. पहुंचे 12 हजार किसान ।।

पंतनगर-: चार-दिवसीय किसान मेले का समापन मुख्य अतिथि विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति एवं बिरला इस्ट्टियूट आफ टेक्नोलजी अप्लाइड साइंसेज, भीमताल के अध्यक्ष डा. बी.एस. बिष्ट ने करते हुए कहा कि विश्व विद्यालय निरंतर प्रगति के पथ पर चल रहा है और अब तक नई-नई तकनीकों एवं विभिन्न फसलों की प्रजातियों को विकसित कर किसानों के द्वार तक पहुंचा रहा है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों से निरंतर संपर्क बना रहता है, जिससे किसान विष्वविद्यालय में आकर नवीन तकनीकों को प्रशिक्षण एवं गोष्ठियों के माध्यम से ग्रहण करते है और वे इनका उपयोग अपनी खेती में करते है जिससे उन्हें अच्छी उपज के साथ-साथ उनकी आय में भी वृद्धि होती है। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अध्ययन करने एवं नयी सोच विकसित करने का सुझाव दिया तथा बताया कि आज के दौर में जहां प्रतिस्पर्धा हावी है फिर भी विश्वविद्यालय अब भी अपनी पहचान बनाये हुए है। विश्वविद्यालय के विद्यार्थी दुनिया भर में विश्वविद्यालय के नाम का परचम लहरा रहें है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के पूर्व वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों से ही विश्वविद्यालय का नाम विश्व विख्यात हुआ है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की पहचान एक अनुभवी के रूप में की जाती है और उनको विश्व में प्राथमिकता दी जाती है।

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विद्यालय के कुलपति श्री चौहान ने कहा कि भारत देश में कृषि विश्वविद्यालयों में पन्तनगर विश्वविद्यालय सर्वोत्तम स्थान पर है। देश-विदेशों में पन्तनगर विश्वविद्यालय के नाम से ही उत्तराखण्ड राज्य को पहचाना जाता है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा गोष्ठी, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को नवीन तकनीकों की जानकारी प्रदान की जाती है जिसे वे अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर रहे है। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से कहा कि मेले में विभिन्न फर्मों, उद्यमियों द्वारा नई-नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस मेले को सफल बनाने में विष्वविद्यालय के समस्त अधिकारियो एवं कर्मचारियों का योगदान सराहनीय रहा है।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में चार-दिवसीय 115वें किसान मेले के बारे में जानकारी देते हुए डा. जितेन्द्र क्वात्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय के लगभग 19.5 लाख के बीज, पौधे व कृषि साहित्यों की बिक्री की गयी तथा विभिन्न स्टालों से लगभग 28.5 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि इस मेले में विभिन्न फर्मों, विश्वविद्यालय एवं अन्य सरकारी संस्थाओं के छोटे-बड़े लगभग 352 स्टाल लगाये गये व लगभग 12 हजार से अधिक पंजीकृत एवं अपंजीकृत किसानों ने मेले का भ्रमण किया।

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