पंतनगर विश्वविद्यालय ने 3 साल में छुए नए आयाम
पंतनगर,
देश के प्रथम कृषि विश्वविद्यालय एवं हरित क्रांति की जननी कहे जाने वाले गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय ने कुलपति डा. मनमोहन सिंह चौहान के नेतृत्व में तीन वर्षों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। डॉ. चौहान ने 29 अगस्त 2022 को कुलपति का कार्यभार संभाला था और अब वे सफलतापूर्वक अपने तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
इन तीन वर्षों में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की। वर्षों से लंबित एक्रेडिटेशन कार्य पूरा कराया गया और 109 वैज्ञानिकों की प्रोन्नति दी गई। लगातार तीन दीक्षांत समारोह आयोजित कर 4809 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। राष्ट्रीय स्तर की हस्तियों को मानद उपाधि देकर विश्वविद्यालय ने गौरव हासिल किया।
बुनियादी ढांचे के विकास में भी कई बड़े कार्य हुए जिनमें मुख्य सड़कों, गांधी हाल, फूलबाग व नगला गेट का जीर्णोद्धार, नए छात्रावास, शोध-शिक्षण संस्थान, महिला व्यायामशाला, वेलनेस सेंटर, वृक्षायुर्वेद शोध केन्द्र और छात्र मनोरंजन केन्द्र का लोकार्पण शामिल है।
विश्वविद्यालय ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में भी ऐतिहासिक छलांग लगाई। 2024 में 311वें स्थान से आगे बढ़कर 2025 में 209वें स्थान पर पहुँचते हुए देश के 71 कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
शोध क्षेत्र में 22 नई किस्मों को अनुमोदन, 13 पेटेंट स्वीकृति, गेहूं की 4 किस्मों का पंजीकरण और 2000 से अधिक शोध पत्रों का प्रकाशन हुआ। शहद, बद्री गाय नस्ल सुधार, पंतजा बकरी और उत्तराखण्ड फाउल संरक्षण जैसे शोधों को भी नई गति मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 52 संस्थाओं से एमओयू साइन किए गए।
आउटलुक एग्रीटेक समिट एंड स्वराज अवार्ड, एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड और एनसीसी द्वारा मानद कर्नल कमांडेंट की उपाधि सहित कई सम्मान विश्वविद्यालय को मिले। किसानों तक तकनीक पहुंचाने के लिए 10000 से अधिक प्रशिक्षण और प्रदर्शन हुए, साथ ही ‘पंतनगर जनवाणी’ सामुदायिक रेडियो से 2000 से अधिक किसानोपयोगी कार्यक्रम प्रसारित किए गए।
इन उपलब्धियों के आधार पर कुलपति डॉ. चौहान के कार्यकाल को छह माह की वृद्धि प्रदान की गई है। डॉ. चौहान ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश सरकार, विश्वविद्यालय परिवार और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।
पंतनगर विश्वविद्यालय ने शिक्षा, शोध और किसानों से जुड़ाव के नए आयाम स्थापित कर एक बार फिर देश के अग्रणी कृषि संस्थान के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है।




