उत्तर प्रदेश

(झर-झर करता झरना) उत्तराखंड-: पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है यह वाटरफॉल. इसके दीदार करने से नहीं रोक पाएंगे आप


झर झर झरता झरना अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है
मनरेगा के तहत कराए गए हैनरी वॉटर फॉल का सौंदर्यीकरण: से क्षेत्र में पर्यटन के नए आयाम स्थापित किए हैं अब यहां वाटरफॉल चंपावत में पर्यटन का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है ।


जिला विकास अधिकारी चम्पावत एस के पंत ने बताया कि ग्रामीण विकास के अंतर्गत विकास खंड चम्पावत के ग्राम पंचायत धौंनरौत के बेट्टीगाड़ में मनरेगा से 3.99 लाख रुपये व्यय कर व 1230 मानव दिवस सृजित कर हैनरी वॉटर फॉल का सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। उन्होंने अवगत कराया कि टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित ग्राम पंचायत धौनरौत में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा योजनान्तर्गत वाटरफॉल का निर्माण पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उद्देश्य से किया गया है। योजना से पहले यह झरना उपेक्षित था। उक्त स्थल पर पहुंच हेतु कोई मार्ग नहीं था, साथ ही यदा-कदा स्थानीय ग्रामीण जानवरों को नहलाने यहां लाते
थे। मनरेगा योजनान्तर्गत इस झरने तक पहुंच मार्ग चैकडैम, दीवार आदि बनाकर इस झरने को सैलानियों की दृष्टि से विकसित किया गया है। वर्तमान में झरने का निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद एन०एच० से गुजरने वाले पर्यटक एवं विभिन्न क्षेत्रों के लोग इस झरने को देखने बहुतायत संख्या में आ रहे हैं, अनुमानत प्रति दिन 60-70 पर्यटक इस झरने को देखने तथा इसका आनन्द लेने आ रहे हैं। जिस में स्थानीय दुकानदारों की आय में वृद्धि हो रही है, कार्य पूर्ण होने के बाद लगभग 300 वर्ग फिट क्षेत्र में जल संग्रहित होकर 2 छोटे जलाशयों का निर्माण हुआ है, जिनके पास में बैठने हेतु पैराफिट का निर्माण किया गया है।
योजना से इन जलाशयों में वर्षभर पानी की उपलब्धता रहने से आस-पास के क्षेत्र में सिचाई व मत्स्य पालन हेतु 5 टैंक का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें लगभग 2000 मछली बीज डालकर वर्ष में लगभग 5 कुन्तल मछली उत्पादन कर रूपया 1.35 लाख आमदनी का लक्ष्य रखा गया है। पूर्व में जल तो उपलब्ध था परन्तु टैंक उपलब्ध न होने से पानी का उचित उपयोग नहीं हो पा रहा
था। सैलानियों के आने से स्थानीय दुकानदारों की आय में वृद्धि हुई है। स्थानीय दुकानदार राम सिंह ने बताया कि जलाशय बनने से पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग में सैलानियों की आवाजाही तो रहती थी, परन्तु उस स्थान पर सैलानी रुकते नही थे। अब जलाशय बनने से प्रतिदिन 60 से 70 लोग जलाशय में रूक कर उनकी व अन्य दुकान में आते है। जिससे प्रतिदिन 6000 से 7000 रुपये की व्यवसाय में वृद्धि हुई है। क्षेत्र के अन्य लोगों का भी कहना है कि इस प्रकार के विकास कार्यों से निश्चित रूप से गांवों में लोगों का आना जाना बढ़ेगा और रिवर्स पलायन होगा। चंपावत न्यूज़

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