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बड़ी खबर-: (देहरादून) दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा,अवैध संबंध नहीं था कारण, पुलिस ने लंबी तह तक जाकर खोजा आरोपी को।

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देहरादून-: राजधानी के धौलास गांव में हुए डबल मर्डर का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाला और कोई नहीं बल्कि धौलास गांव के इस आलीशान बंगले में काम करने वाले राजू उर्फ श्याम थापा का पहचान वाला ही निकला। राजू को ठिकाने लगाकर उसकी नौकरी पाने की चाह में दोहरा हत्याकाँड को अंजाम दिया गया। इस घटना में पुलिस को पहले मृतका के पति सुभाष शर्मा को शक के घेरे में लिया हुआ था। लेकिन कई बार पूछताछ में पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद से ही स्पष्ट हो गया था कि घटना में उन्नति शर्मा के पति सुभाष शर्मा का हाथ नहीं है। इसके बाद पुलिस ने राजकुमार के नजदीक रहने वाले व्यक्तियों का रिकार्ड खंगालना शुरू कर दिया। गुरुवार को पुलिस ने राजकुमार के दो जानने वालों का रिकार्ड निकाला और उन्हें गिरफ्त में लेकर पूछताछ शुरू की।

बताया जा रहा है कि इस दोहरे हत्याकांड में मारा गया राजू उर्फ श्याम मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है और उसी का एक साथी जो कि इसी गांव के निचले इलाके में झोपड़पट्टी में रहता है वह आरोपी राजू के जगह पर आलीशान बंगले में नौकरी पाना चाहता था राजू को बंगले में नौकरी के बदले ₹25000 प्रतिमाह मिलते थे, लिहाजा उसने राजू की हत्या की साजिश को अंजाम दिया। इस दौरान राजू की हत्या करते समय अचानक बंगले की मालकिन उन्नति शर्मा भी पहुंच गई जिससे आरोपी ने उन्नति को भी मौत के घाट उतार दिया।

29-09-2021 को श्री सुभाष शर्मा निवासी: ग्राम धौलास, प्रेमनगर के द्वारा कंट्रोल रूम के माध्यम से थाना प्रेमनगर को सूचना दी कि उनकी पत्नी उन्नति शर्मा तथा उनका नौकर श्याम उर्फ राजकुमार थापा नहीं मिल रहे हैं। आस-पास उन्नति शर्मा तथा नौकर श्याम उर्फ राजकुमार थापा की खोजबीन की गयी, खोजबीन के दौरान पुलिस टीम को उक्त दोनो गुमशुदा लोगो के शव घर के पीछे किचन के पास पन्नी से ढककर छिपाये हुए मिले।
जांच में सीसीटीवी फुटेजों के आधार पर पुलिस टीम को कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की फुटेज प्राप्त हुई, जिनके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। घटना के सम्बन्ध में वादी श्री सुभाष शर्मा से पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि आदित्य नाम का एक लडका कुछ दिन पूर्व उनके घर पर नौकरी मागने के लिये आया था, परन्तु उन्नति शर्मा द्वारा घर पर पूर्व से ही एक नौकर श्याम उर्फ राजकुमार थापा के होने तथा किसी अन्य व्यक्ति की आवश्यकता न होने की बात कहकर उसे मना कर दिया और उसे कहीं और काम दिलाने की बात कही। पुलिस टीम द्वारा आदित्य के सम्बन्ध में आस-पास के लोगो से जानकारी की गयी तो ज्ञात हुआ कि आदित्य के द्वारा अपने रिश्तेदारो व अन्य लोगो से काफी पैसे उधार लिये गये है तथा आर्थिक तंगी के कारण उसके द्वारा पूर्व में भी जहरीले पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या करने का प्रयास किया गया था। घटना के बाद दिनाँक 30-09-2021 को वह बीमारी का बहाना बनाकर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से दून अस्पताल में भर्ती हो गया।
जहां से वह दूसरे दिन दिनाँक: 01-10-2021 को डिस्चार्ज हो गया। सीसीटीवी फुटेजो से प्राप्त संदिग्ध हुलिये का आदित्य के हुलिये से मिलान करने पर वह उससे मिलता जुलता प्रतीत हुआ। जिस पर पुलिस टीम द्वारा संदिग्धता के आधार पर आदित्य को हिरासत में लिया गया। आदित्य से सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा दिनाँक: 29-09-2021 को श्रीमती उन्नति शर्मा व उनके नौकर श्याम उर्फ राजकुमार थापा की हत्या करना स्वीकार किया गया। जिस पर अभियुक्त को दिनाँक: 01-10-2021 की रात्रि को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त लोहे की रॉड को श्री सुभाष शर्मा के घर के पीछे जंगल से तथा अभियुक्त द्वारा घटना के समय पहने गये कपड़ो को अभियुक्त के घर के पास से बरामद किया गया। अभियुक्त को समय से मां0 न्यायालय के समक्ष पेश किया जायेगा।

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पूछताछ के दौरान अभियुक्त आदित्य ने बताया गया कि मैं अपने घर पर अपनी माताजी के साथ रहता हूँ। पूर्व में मैं गढीकैंट में किराये के मकान में रहकर आर्मी में जाने की तैयारी करता था। कोटद्वार में आर्मी की भर्ती के दौरान मैने दौड पास कर ली थी, परन्तु हाथ में टेनट्यूड कट होने के कारण मैं मेडीकल मे बाहर हो गया। उसके पश्चात मैने गढी कैंट का मकान छोड दिया और खबडवाला में पट्टे की भूमि पर टीन शेड लगाकर अपनी मां के साथ रहने लगा। पूर्व में एक बार मैने उन्नति शर्मा के घर चार से पांच दिन तक काम किया, जहां से मुझे 500 ₹ प्रतिदिन के हिसाब से पैसे मिले। उसके पश्चात मै दोबारा उन्नति शर्मा के घर पर गया, और उनसे घर पर काम देने की बात कही तो उन्नति शर्मा द्वारा बताया गया कि हमारे घर पर काफी समय से श्याम उर्फ राजकुमार थापा नौकर का काम करता है और हमे अभी किसी अन्य काम वाले की आवश्यकता नही है। फिर उसके बाद दिनाँक: 26-09-2021 को मैं पुन: काम मांगने के सिलसिले में मै उन्नति शर्मा से मिलने के लिये उनके घर पर गया और गेट से उन्नति शर्मा को फोन किया तो उन्होने मेरा फोन नहीं उठाया। इसी दौरान नौकर श्याम थापा गेट पर आया और उन्नति शर्मा को घर के बाहर आदित्य के आने की सूचना दी। उन्नति शर्मा द्वारा पुन: मुझे घर पर कोई काम न होने समबन्ध में बताते हुए फुलसैनी में एक दुकान में काम दिलाने की बात कही गयी तथा वह मुझे उक्त दुकानदार के पास लेकर गयी। दुकानदार द्वारा मुझे बताया गया कि वह मुझे रहने के लिये अपने स्टोर में ही एक बेड दे देगा, परन्तु मेरे द्वारा उसे बताया गया कि मेरे साथ मेरी माताजी भी रहती हैं, जिस कारण मै उक्त स्टोर में नही रूक सकता, जिसके पश्चात हम फुलसेनी से वापस आ गये। उसके बाद से ही मुझे लगने लगा कि जब तक मैडम उन्नति शर्मा के घर पर उनका नौकर श्याम उर्फ राजकुमार थापा तब तक मुझे उसे घर में कोई काम नहीं मिल सकता। जिस पर मैने श्याम थापा को रास्ते से हटाने के लिये उसकी हत्या की योजना बनाई और योजना के मुताबिक दिनांक: 29-09-2021 को प्रात: 04ः00 बजे मैं घर से पैदल चलकर जंगल के रास्ते होते हुए उन्नति शर्मा के बंगले के पास पहुचा तथा वहा से मैने बगले का गेट फांदकर घर के परिसर में प्रवेश किया। परिसर में आने केे बाद मैं किचन के रास्ते घर के अन्दर जाने का प्रयास कर ही रहा था कि मुझे किचन के बाहर श्याम उर्फ राजकुमार थापा मिल गया, इससे पहले कि श्याम मुझसे कुछ कह पाता मैने बिना देरी किये वहीं जमीन पर पडी एक लोहे की राड उठाकर उसके सिर पर उससे दो बार प्रहार किया, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। इसी दौरान घर की मालकिन उन्नति शर्मा किचन से बाहर आयी तो मैं दीवार की आड में छिप गया, उन्नति शर्मा नौकर श्याम थापा की हालत देखकर चिल्लाई इसी दौरान उसने मुझे भी देख लिया था और वापस घर के अन्दर जाने के लिये वह जैसे ही मुडी तो मेरे द्वारा लोहे की रॉड से उसके सिर के पिछले हिस्से में वार किये गये जिससे वह वहीं नीचे गिर गयी। उसके बाद मैने दोनो का गला दबाकर यह सुनिश्चित किया कि वह दोनो मर गये हैं और लोहे की रॉड को वही से पीछे जंगल की ओर फेक दिया। उक्त दोनो शवों को मैने पास मे पडी चमकीली पन्नी से ढक दिया और दीवार फांदकर मैं वहां से जगल के रास्ते होते हुए अपने घर वापस आ गया। घर पर मैने अपने कपडे बदले और उन कपडों को एक पालीथीन में डालकर घर के पास ही छुपा दिया। अगले दिन जैसे ही मुझे आभास हुआ कि पुलिस को घटना की जानकारी हो गयी है तो बचने के लिये योजनाबद्ध तरीके से मैं खून के दस्त लगने का बहाना बनाकर 108 के माध्यम से दून अस्पताल में भर्ती हो गया।

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