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उत्तराखण्ड

ब्रेकिंग-:(लालकुआं) फाइकस गार्डन के बाद अब, सुगंधित उद्यान, वन अनुसंधान संस्थान का बड़ा प्रयास, दुर्लभ जड़ी बूटियों पर भी हो रहा है काम, आज उद्यान का हुआ लोकार्पण ।।

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लालकुआं


अनुसंधान केंद्र लालकुआं में फाइकस गार्डन के बाद अब ‘सुगंधित पौधों का एक उद्यान’ तैयार किया है एक हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस उद्यान में 140 विभिन्न सुगंधित पौधों की प्रजातियां संग्रहित की गई हैं यह देश का पहला जड़ी बूटियों से भरपूर उद्यान है जिसका नाम (सुरभि वाटिका) रखा गया है जिसका आज विधिवत लोकार्पण उत्तराखडं के मुख्य वन संरक्षक और निदेशक अनुसंधान केंद्र संजीव चतुर्वेदी और समाज सेविका और वन टच एग्रीकॉन संस्था महाराष्ट्र बीना राव ने गार्डन का उद्घाटन किया ।

  इस दौरान वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि गार्डन के स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेदिक पौधों के साथ-साथ सगंध तुलसी अश्वगंधा पौधे के प्रजातियों को संरक्षित करना और इसके महत्व को लोगों को बताना है. इसके अलावा अनुसंधान केंद्र द्वारा एरोमेटिक पौधों को भी वितरित करने का काम किया जाएगा।
श्री चतुर्वेदी ने बताया कि लालकुआं में पूर्व में भी वन संरक्षण के प्रति बड़ा काम किया गया है यहां पर फाइकस गार्डन भी जनता के लिए खोल दिया गया है लेकिन दुर्लभ जड़ी बूटियों के संरक्षण के प्रति एवं प्रयास करते हुए यहां इसे एक हेक्टेयर क्षेत्र में स्थापित किया गया है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की कैंपा योजना के तहत परियोजना को वित्त पोषित किया गया है।

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उन्होंने दावा किया कि यह देश का सबसे बड़ा सुगंधित उद्यान है जिसमें तुलसी वाटिका भी है जिसमें तुलसी की 20 से अधिक प्रजातियां हैं। तुलसी वाटिका के अलावा, बगीचे में सुगंधित पत्ते (नींबू बाम, मेंहदी, कपूर और विभिन्न टकसाल प्रजातियां), सुगंधित फूल (चमेली, मोगरा, रजनीगंधा, केवड़ा), सुगंधित पेड़ (चंदन, नीम चमेली, नागलिंगम,

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पारिजात) जैसे आठ अलग-अलग वर्ग हैं। ), सुगंधित प्रकंद (आमा हल्दी, काली हल्दी), सुगंधित बीज (कस्तूरी भिंडी, बड़ी इलाची, तैमूर, अजवाईन), सुगंधित घास (नींबू घास, जावा घास, खास घास), सुगंधित बल्ब (लाल अदरक, रेत अदरक) और सुगंधित जड़ें (पत्थरचूर, वाच)। दक्षिण भारत से चंदन, उत्तर पूर्व से अगरवुड, तटीय क्षेत्रों से केवड़ा और तराई क्षेत्र से पारिजात, नीम चमेली, हजारी मोगरा, सोंटाका, काहमेली, रात की रानी, ​​दिन का राजा और अनंत सुगंधित लोकप्रिय प्रजातियां मौजूद हैं। सुगंधित उद्यान में जैस्मीन की नौ अलग-अलग प्रजातियां, अदरक की तीन अलग-अलग प्रजातियां और क्रमशः पुदीना और हल्दी की चार अलग-अलग प्रजातियां को भी लगाया गया हैं।

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