उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी हल्दूचौड़ में वर्ष 2014 में बनकर तैयार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य की मूलभूत सुविधा उपलब्ध नही होने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से छः सप्ताह के भीतर फिर से प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि जो वहाँ पर कमियां हैं उन्हें भी इस बीच पूर्ण करें। मामले की अगली सुनवाई कोर्ट ने छः सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। आज हुई सुनवाई पर याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया गया कि अभी भी कई मूलभूत सुविधाएं वहाँ पर उपलब्ध नही है। लैब टेक्नीशियन नही है। गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी सुविद्याएँ उपलब्ध नही है। जिसपर कोर्ट ने कहा कि वहाँ पर जो मूलभूत सुविधाओं की कमी है। उन्हें पूर्ण करके फिर से प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें।
मामले के अनुसार हल्दूचौड़ निवासी गोविंद बल्लभ भट्ट व सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गौनिया द्वारा जनहित याचिका दायर कहा गया है कि सी एच सी हल्दूचौड़ का निर्माण कार्य 2014 में पूर्ण हो चुका था। जिसको बनाने में 8 करोड़ की लागत आयी। 2014 से 2023 तक बन्द पड़े होने के कारण उनको उच्च न्यायलय की शरण लेनी पड़ी। उनके द्वारा जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की है कि बन्द पड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को खोला जाय। इसमे स्वास्थ्य सुविद्याए उपलब्ध कराए जायँ। ताकि क्षेत्र वासियो को अन्य जगह स्वास्थ्य उपचार के लिए भटकना न पड़े।




