उत्तर प्रदेश

मौसम ब्रेकिंग(उत्तराखंड) 26 मई तक जारी मौसम पूर्वानुमान.आंधी तूफान की आशंका.ओलावृष्टि.बरसात. के साथ मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी.जाने मानसून की ताजा अपडेट।।

देहरादून-: पल-पल बदलते मौसम के बीच इस समय तापमान अब पूरे शबाब पर है पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्र में हो रही गर्मी के बाद पर्वतीय क्षेत्र में ऊंचाई वाले स्थानों में बरसात भी कुछ गर्मी से राहत दे रही है। लेकिन इन सबके बीच मौसम विभाग ने 26 मई तक मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में कई कई बहुत हल्की से हल्की बरसा गरज चमक के साथ बरसा और मैदानी क्षेत्र में मौसम शुष्क रहने की संभावना व्यक्त की है मौसम शुष्क रहने से मैदानी क्षेत्र में अगले आने वाले दिनो में गर्मी से कुछ राहत होती नहीं दिख रही है इस बीच मौसम विभाग ने 23 मई को येलो अलर्ट जारी करते हुए राज्य के जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा झौकेदार हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हिसाब से चलने की संभावना व्यक्त की है ।साथ ही मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट के तहत 24 और 25 मई को गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने ओलावृष्टि तथा झक्कड़ 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आने को देखते हुए लोगों को बेहद सतर्कता बरतने की भी बात की है वही 23 और 26 को यलो अलर्ट जारी करते हुए कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा ओलावृष्टि के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है ।

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उधर राजधानी दिल्ली में इस बार मॉनसून देरी से दस्तक दे सकता है। सामान्य तौर पर मॉनसून 30 जून को राजधानी पहुंचता है। इस बार यह अपने समय से 10 से 12 दिन देरी से आ सकता है। इस बार इसके 12 जुलाई के आसपास आने के संकेत हैं। यानी यह मॉनसून राजधानी में सबसे लेट दस्तक देने वाले मॉनसून में शामिल हो सकता है। इतना ही नहीं राजधानी में बारिश की तीव्रता भी जून और बाकी सीजन में सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। ब्रिटेन के नैशनल सेंटर ऑफ एटमोस्फेयरिंग साइंस एंड डिपार्टमेंट ऑफ मेट्रोलॉजी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में जून के दौरान सामान्य से ज्यादा तापमान रहेगा।
औसत से कम रहेगी बारिश
इस बार बारिश भी औसत से कम होगी। उत्तर पश्चिमी भारत में मॉडल औसत या औसत से कम बारिश के संकेत दे रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, मौसमी बारिश जून में भी समान रहने की उम्मीद नहीं हैं। जर्मनी के पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इंपैक्ट रिसर्च के मुताबिक, इस बार मध्य भारत में ही 26 जून के बाद ही मॉनसून की बारिश बढ़ेगी। 26 जून तक मौसम शुष्क जैसा ही रहेगा।।

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