अल्मोड़ा

(उत्तराखंड) पलायन रोकने गाय आई आगे,अब स्वरोजगार कर यह युवक कमा रहा है महीने में अच्छी खासी रकम,गायों के मोह में बदल गई जिंदगी ।।

कोरोना काल ने लोगों को क्या नहीं दिखाया यह सब जानते हैं किसी ने अपनों को खोया तो किसी ने अपने नये जीवन की नई शुरुआत की इन सब के बीच अनेक लोगों का जहां रोजगार छूटा वहीं कुछ लोगों के नए रोजगार की शुरुआत हुई ऐसा ही उदाहरण यहां काण्डा ग्राम दिगोली निवासी कुन्दन सिंह रावत, का है जो 2019 में कोविड के दौरान मुबई से वापस अपने गांव आयें, जीवन जीने की तमाम चुनौतियों के बीच उन्होंने गौ-पालन को अपना रोजगार बनाने का फैसला लिया इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 2.88 लाख का ऋण बैंक प्राप्त कर गायें खरीदकर स्वरोजगार प्रारंभ किया, आज उनके पास 21 गायें हैं, वे प्रतिदिन 90 से 95 लीटर दूध उत्पादन कर अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहें है उनका कहना है अब गायो के मोह के आगे रोजगार के लिए उन्हें बाहरी प्रदेश को जाने के लिए सोचना छोड दिया है तथा मोह इतना बढ़ गया है कि अब अपना गांव तक नहीं छोड़ सकते।
उपजिलाधिकारी काण्डा मोनिका ने बुधवार को दिगोली निवासी कुन्दन सिंह रावत के गौशाला जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्री रावत ने बताया कि उनके द्वारा 90 से 95 लीटर दूध प्रतिदिन उत्पादन कर काण्डा बाजार में बेचा जाता है, जिससे उन्हें 25 से 30 हजार प्रतिमाह लाभ अर्जित हो रहा है। वह अपने परिवार का अच्छे से पालन-पोषण कर रहें हैं खैर सरकार का योगदान पलायन रोकने में एक बड़ा कदम साबित हुआ और आज वह अपने परिवार के साथ अपने गृह जनपद में रहकर दूसरों को रोजगार के लिए उत्प्रेरित भी कर रहे हैं । बागेश्वर से दीवान की रपट

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