राजकीय शिक्षक संघ का धरना : पदोन्नति, स्थानान्तरण व सीधी भर्ती पर भड़के शिक्षक
आश्वासन नहीं, अब ठोस कार्रवाई चाहिए शिक्षकों की चेतावनी
संवाददाता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह
उत्तरकाशी। राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखण्ड, जनपद शाखा उत्तरकाशी ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बुधवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। धरने में जिलेभर के शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लेकर भागीदारी की और सरकार व शिक्षा विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पदोन्नति हमारी हक है अब नहीं सहेंगे टालमटोल, सीधी भर्ती बंद करो पदोन्नति लागू करो और शिक्षकों की मांगें पूरी करो वरना गूंजेगी सड़क से सदन तक जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

धरने को संबोधित करते हुए संघ के जिला अध्यक्ष अतोल सिंह महर ने कहा कि प्रधानाचार्य सीधी भर्ती का विरोध, पदोन्नति और स्थानान्तरण की मांगें वर्षों से लंबित हैं। विभाग बार-बार आश्वासन देता रहा लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिक्षकों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मांगों का निराकरण नहीं हुआ तो हमें शिक्षा निदेशालय देहरादून में उग्र आंदोलन करना पड़ेगा।
जिला मंत्री बलवन्त असवाल ने कहा कि प्रधानाचार्य पद पर विभागीय सीधी भर्ती पूरी तरह अनुचित और शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात है। सरकार को तत्काल इसे निरस्त करना चाहिए और लंबित मांगों का समाधान करना चाहिए, अन्यथा हमें आंदोलन और व्यापक बनाना पड़ेगा।
धरने के दौरान शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र अमोली को ज्ञापन सौंपा, जिसमें तीन प्रमुख मांगें रखी गईं— सभी स्तरों पर पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती की नियमावली निरस्त की जाए और वार्षिक स्थानान्तरण प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। संघ ने आरोप लगाया कि कई पुरानी मांगों पर विभागीय सहमति होने के बावजूद उन्हें आज तक लागू नहीं किया गया है।
धरनारत शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को जनपद से बाहर प्रदेशव्यापी स्तर तक ले जाया जाएगा। संगठन ने साफ कहा है कि मांगे पूरी न होने पर 1 सितंबर से 9 सितंबर तक देहरादून में उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
धरने में जिला अध्यक्ष अतोल सिंह महर, जिला मंत्री बलवन्त असवाल, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज पाल सिंह परमार, महेश उनियाल, विनोद नौटियाल, संजीव डोभाल, विपिन थपलियाल, गंभीर राणा, गिरीश नौटियाल, वसुदेव रावत, नरेश नौटियाल, प्रवेश नौटियाल, सुरेंद्र चौहान, राकेश रमोला, अवतार चौहान, अमेन्द्र परमार, वीरेंद्र नौटियाल, गुलाब सिंह पडियार, अपर्णा जुयाल, अरविंद भट्ट, सूर्य प्रकाश अवस्थी, सुनील सेमवाल, गिरीश असवाल समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।




