बायोटेक की बारीकियां सीख दक्ष बनेगें युवा
बॉयोटेक परिषद में युवाओं के लिए ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत
पंतनगर। युवाओं को कुशल बनाने के उद्देश्य से जैव प्रौद्योगिकी परिषद (बॉयोटेक) हल्दी में ग्रीष्म कालीन इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी। निदेशक डॉ. राजेन्द्र डोभाल के मार्गदर्शन में संचालित हो रही प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न संस्थानों के स्नातक और परास्नातक स्तर के लगभग 40 छात्र-छात्राएं प्रशिक्षण का लाभ लेंगे और बॉयोटेक की अन्य बारीकियों से रूबरू होंगे। समन्वयक डॉ. मणिन्द्र मोहन शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण पादप ऊत्तक संवर्धन, आणविक जीवविज्ञान और पर्यावरणीय जैवप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दी जायेगी। साथ में बायोटेक की अन्य मूलभूत जानकारियों से भी अवगत कराया जायेगा। डॉ. मणिन्द्र नें बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बायोटेक में कुशल बनाकर उनको रोजगार और उद्यमिता से जोड़ना है। प्रशिक्षण वैज्ञानिक डॉ. कंचन कार्की, डॉ. सुमित पुरोहित और डॉ. मणिन्द्र मोहन शर्मा के देख-रेख में संचालित होगी। यहाँ परिषद के डॉ. सुमित पुरोहित, डॉ. मणिन्द्र मोहन, एडीए अमित पुरोहित, सचिन शर्मा, तकनीकी स्टाफ अनुज जॉन, ललित मिश्रा, श्रुति जोशी, शालिनी सिंह, लाक्षिका भंडारी, सौरभ पांडा आदि थे। प्रशिक्षण में ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय देहरादून, वनस्थली विद्यापीठ राजस्थान, कुमायूं विश्वविद्यालय, जीबी पन्त इंजीनियरिंग संस्थान, घुड़दौड़ी और गढ़वाल विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं।
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छात्र-छात्राओं को प्रयोगशालाओं में बायोटेक से सम्बंधित प्रशिक्षण के साथ अन्य मूलभूत जानकारियां देकर कुशल बनाना है जिससे कि उनको भविष्य में रोजगार के अवसर प्राप्त हो सके। डॉ. मणिन्द्र मोहन शर्मा, समन्यवक प्रशिक्षण, बॉयोटेक, हल्दी।




