देहरादून। उत्तराखंड सरकार में शीर्ष स्तर पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव – रंजन कुमार मिश्र बने नए प्रमुख वन संरक्षक (HoFF)
उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग में महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए 1993 बैच के भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी रंजन कुमार मिश्र को प्रमुख वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (Head of Forest Force – HoFF) पद पर पदोन्नत कर नियुक्त किया है। यह निर्णय 1990 बैच के वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी समीर सिन्हा के 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुए पद पर लिया गया है।
शासन सचिव सी. रविशंकर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रंजन कुमार मिश्र को देहरादून प्रभागीय वन संरक्षक से पदोन्नत कर पे-मैट्रिक्स लेवल-17 में नियुक्त किया गया है। आदेश राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही तत्काल प्रभाव से लागू होगा। आदेश की प्रति भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।
DPC की अनुशंसा पर हुआ चयन
यह नियुक्ति 25 नवंबर 2025 को हुई विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा के आधार पर की गई है। वर्तमान में विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी 1992 बैच के बी.पी. (भवानी प्रकाश) गुप्ता हैं, जो PCCF (प्रशासन) के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर 2025 को होने के कारण मात्र एक माह का कार्यकाल शेष रहने से उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं दी गई। वरिष्ठता क्रम में अगली पंक्ति में रहे रंजन कुमार मिश्र को यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया।
मिश्र का वर्तमान पद और कार्यकाल
रंजन कुमार मिश्र इससे पहले प्रमुख वन संरक्षक (वन्यजीव) के पद पर तैनात थे। अब उनके इस पद पर भी जल्द नए अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। सूत्रों के अनुसार उनका कार्यकाल 30 जून 2026 तक रहेगा। उनके बाद वरिष्ठता क्रम में 1994 बैच के आईएफएस अधिकारी कपिल लाल अगले दावेदार माने जा रहे हैं।
उत्तराखंड वन विभाग में शीर्ष स्तर पर यह बड़ा बदलाव आने वाले समय में विभागीय रणनीतियों और वन संरक्षण नीति को नई दिशा दे सकता है।




