हर्षिल-धराली में आपदा से जनजीवन प्रभावित, सड़क व संचार व्यवस्था बहाल
उत्तरकाशी, 28 अगस्त। हर्षिल-धराली क्षेत्र में हुई अतिवृष्टि से बने अस्थायी झील और क्षतिग्रस्त मार्गों के कारण आवागमन बाधित हो गया था। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में प्रशासन ने युद्धस्तर पर कार्य कर लिमच्यागाड, डबरानी और सोनगाड जैसे चुनौतीपूर्ण स्थानों पर क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत कर उत्तरकाशी से हर्षिल तक सड़क संपर्क बहाल कर दिया है।
प्रशासन ने विकट परिस्थितियों में भी हर्षिल, धराली और आसपास के क्षेत्रों में बिजली, पानी और संचार व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया है। साथ ही आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं और खाद्यान्न सामग्री निरंतर वितरित की जा रही हैं।
जिलाधिकारी ने पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, राजस्व, स्वास्थ्य, आपूर्ति, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस व बीआरओ समेत सभी एजेंसियों को आपदा राहत कार्यों में पूरी तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं।
चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए श्री गंगोत्री व श्री यमुनोत्री धाम मार्ग को बहाल करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। हर्षिल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग का कुछ हिस्सा जलमग्न और क्षतिग्रस्त होने से यात्रा फिलहाल बाधित है। बीआरओ द्वारा उक्त मार्ग की बहाली के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।




