बागेश्वर -: उत्तराखंड में पीतल एवं ताम्र नगरी के रूप में ऐसे जनपद भी है जहां कुटीर उद्योग के रूप में विकसित पीतल और तांबे के बर्तनों का अपना अलग बाजार दिखाई देता है यह बाजार मांगलिक कार्यों के दौरान अपने चरम व्यवसाय में बढ़ जाता है इस बाजार को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार पहाड़ की कला,संस्कृति एवं

व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है,मुख्यमंत्री धामी के दिशा निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के बाद इन शिल्पीयों में भी व्यवसाय को आगे बढ़ाने के प्रति मुख्यमंत्री धामी के प्रयास से जोश बढा है। जिसके बाद जिला प्रशासन भी पहाड़ में इसका बाजार तलाशता हुआ दिखाई दे रहा है।।
जनपद बागेश्वर में ताम्र पात्र एक अपना अलग महत्व रखता है यहां की ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने वाले ताम्रशिल्पी दुलुप राम उडेरखानी, खर्कटम्टा निवासी ललिता प्रसाद व शिल्पी बोर गॉव शिव लाल जैसे अनेकों ताम्र शिल्पी है जिनको सरकार उनकी शिल्प कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है ऐसा भी नहीं है कि यह ताम्र शिल्पी सिर्फ नाम के है यहां तीन ताम्र शिल्पी दुलुप राम, ललिता प्रसाद व शिव लाल उद्योग विभाग के माध्यम से शिल्प रत्न पुरूस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं ।

जबकि शिवलाल ने अपनी ताम्र शिल्प कला का प्रदर्शन दूर समंदर पार लंदन स्थित वकिंघम पैलेस तक में ब्रिटिश राजघराने के सामने किया है।
ताम्र शिल्पीओ की कला को देखते हुए जिलाधिकारी रीना जोशी ने ताम्र उद्योग से जुड़े ताम्र शिल्पियों के कार्यशालाओं का निरीक्षण कर उनसे सीधे संवाद किया है। उन्होंने कार्यशाला व उनके द्वारा उत्पादित ताम्र उत्पादों का निरीक्षण किया व उनके उत्पादों की सराहना की, साथ ही नई तकनीकी, और प्रशिक्षण दिलाने के साथ ही शिल्पीयों को आ रही समस्याओं का समाधान करने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिये है । जिलाधिकारी ने ताम्र शिल्पीयो की समस्याओं को जाना तथा शिल्पीयों को उत्पादों में और गुणवत्ता सुधार का सुझाव दिया। उन्होंने सभी शिल्पीयों से कलस्टर(समूह) बनाकर आगे बढने को भी कहा है।

उन्होंने अधिकारियों से शिल्पीओ को बैंकों से ऋण लेने व अन्य क्षेत्रों में आ रही परेशानियों को दूर करने के निर्देश मौके पर दिये जिलाधिकारी ने देवलधार में बने ताम्र ग्रोथ सेंटर का निरीक्षण किया। जो भी हो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लगातार किए जा रहे कुटीर एवं मझोले उद्योगों के प्रति दिलचस्पी से कारोबारियों में कारोबार के प्रति विश्वास पैदा होता दिखाई दे रहा है ।




