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(Exclusive) इन कर्मयोगी से लेनी चाहिए प्रेरणा, क्वॉरेंटाइन के बाद बदल दी सीरत, कैलाश विजयवर्गीय ने tweet कर की तारीफ

जयपुर
सुनील पारिक

कोविड-19 कोरोना संक्रमण के चलते फंसे विभिन्न राज्यों के मजदूरों ने एक ऐसा अद्भुत काम किया जिसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है लोगों को प्रेरणा दे रहा या काम

उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो धरती के भगवान के साथ इस दुखद घड़ी में उनके साथ अभद्र व्यवहार के साथ कोरोना संक्रमण से लड़ी जा रही लड़ाई में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।


सीकर जिले के पलसाना कस्बे के एक स्कूल में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के करीब 54 मजदूर वापस अपने घर न पहुंच पाने के चलते सीकर में फंस गए प्रशासन ने करीब 54 मजदूरों को को कॉलिंग टाइम क्वारंटीन किया गया था। क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद भी लॉकडाउन के चलते इन्हें घर जाने की इजाजत प्रशासन ने नहीं दी। ऐसे में ग्रामीणों और प्रशासन ने इन मजदूरों के लिए खाने पीने और रहने का इंतजाम कर दिया। इन कर्मशील मजदूरों को खाली बैठकर मुफ्त में खाना पसंद नहीं आया तो उन्होंने जिस स्कूल में वह रह रहे थे उस स्कूल की दशा देखकर उन्होंने स्कूल की बिल्डिंग को रंग रोगन करने की इच्छा जताई जिसके बाद सरपंच और गांव के लोगों से पुताई का सामान मंगवाया और पूरे स्कूल की इमारत का नक्शा ही बदल कर रख दिया। बताया जाता है कि पिछले 9 साल से स्कूल की रंगाई-पुताई नहीं हुई थी। अब जब सब के सहयोग से रंगाई पुताई हुई तो या स्कूल पूरी तरह से चमकने लगा है।
स्कूल की पुताई करने वाले मजदूरों ने ग्रामीणों और प्रशासन के इंतजाम की काफी तारीफ करते हुए बताया कि वो सिर्फ इस अहसान को चुकाना चाहते थे। लिहाजा उन्होंने मुफ्त में ही सारे स्कूल की रंगाई-पुताई करके एकदम नया-नवेला बना दिया है।

ग्राम प्रधान ने बताया कि अभी तक क्वारंटीन में रखे गए जमातियों द्वारा अस्पताल परिसर में तोड़-फोड़, नर्सों के साथ बदतमीजी कर सरकार के द्वारा व्यापक पैमाने पर चलाए जा रहे हैं इस अभियान को खतरे मैं डालने वाले लोगों के बारे में सुना होगा। लेकिन यहां क्वारंटीन में रखे गए मजदूरों ने एक ऐसा काम किया है कि से पूरा राजस्थान ही क्या देश में इन मजदूरों की चर्चाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों से जब उनकी मजदूरी के बारे में पूछा गया तो मजदूरों ने कहा आप लोगों ने जितना सहयोग एवं प्यार दिया उससे इस मजदूरी का कोई मोल नहीं हो सकता। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के एसीएस रोहित कुमार सिंह ने इन मजदूरों की तारीफ की है।


कैलाश विजयवर्गीय ने इन मजदूरों की तारीफ करते हुए ट्वीट करते हुए कहा, “कर्मशील मजदूर! राजस्थान के सीकर जिले के पलसाना कस्बे में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के कुछ मजदूरों को क्वारंटीन किया गया था। बैठकर मुफ्त में खाना इन्हें अच्छा नहीं लगा तो इन कर्मशील मजदूरों ने प्राथमिक भवन की सारी इमारत की रंगाई-पुताई मुफ्त में कर डाली।” कैलाश विजयवर्गीय के ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि संस्कार अपने अपने! ऐसे कर्मठ लोग हमारे समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।

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