शिकायत पर तुरंत गांव पहुंचीं जिलाधिकारी, पेयजल समस्या का मौके पर समाधान
सरकार की मंशा है कि प्रशासन जनता के द्वार तक पहुंचे और समस्याओं का त्वरित समाधान हो। इसका एक सशक्त उदाहरण तब देखने को मिला, जब जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कुण्डोली गांव में पेयजल न आने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वयं गांव पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया और समस्या के समाधान के लिए तत्काल निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जल संस्थान और जल निगम के अधिकारियों के साथ गांव में पेयजल व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना और नलों से आने वाले पेयजल की स्वयं जांच भी की, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वर्तमान में उपलब्ध टैंक की क्षमता गांव की जरूरत के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल ग्रैविटी और पंपिंग आधारित पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए जल टैंक की क्षमता को 5 किलोलीटर से बढ़ाकर 17 किलोलीटर किए जाने के निर्देश दिए, ताकि गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से हो सके। इसके साथ ही उन्होंने नलों पर कंट्रोलर लगवाने के निर्देश भी दिए, जिससे पानी का दबाव संतुलित रहे और प्रत्येक घर तक समान रूप से पेयजल पहुंच सके।
जिलाधिकारी की इस त्वरित पहल से ग्रामीणों में संतोष और विश्वास का माहौल देखने को मिला। ग्राम प्रधान संतोष नेगी ने कहा कि प्रशासन के इस सक्रिय और संवेदनशील रवैये से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद जगी है। यह पहल दर्शाती है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ सीधे जनता के बीच पहुंचता है, तो समस्याओं का समाधान भी तेजी और प्रभावी तरीके से संभव हो जाता है।




