उत्तराखण्ड

(जानलेवा जंगल की आग) पत्थर गिरने से एक की मौत ।

गंगोत्री हाईवे पर जंगल की आग बनी जानलेवा, पत्थर गिरने से युवक की मौत

संवाददाता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह

उत्तरकाशी।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गणेशपुर के पास जंगल में लगी आग एक युवक के लिए जानलेवा साबित हो गई। पहाड़ी में धधक रही आग के कारण ऊपर से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जनपद आपातकालीन परिचालन केन्द्र उत्तरकाशी से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील भटवाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत गुरुवार शाम लगभग 4:30 बजे गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गणेशपुर के ऊपर पहाड़ी में जंगल की आग लगी हुई थी। आग की गर्मी से पहाड़ी ढलान कमजोर होने के कारण ऊपर से पत्थर गिरने लगे, जिसकी चपेट में आकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

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मृतक की पहचान मयंक पंवार पुत्र महेश पंवार उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम लाटा, तहसील भटवाड़ी, उत्तरकाशी के रूप में हुई है। बताया गया है कि मयंक पंवार लाटा से उत्तरकाशी की ओर आ रहा था। इसी दौरान गणेशपुर के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर सक्रिय हो गईं। घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जिला चिकित्सालय से प्राप्त सूचना के अनुसार युवक की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है।

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प्रशासन के अनुसार पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है तथा पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया गतिमान है। वहीं जंगल में लगी आग को नियंत्रित करने के प्रयास भी जारी हैं।

इन दिनों उत्तरकाशी वन प्रभाग के कई जंगल भीषण आग की चपेट में हैं। लगातार धधकते जंगलों के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में पत्थर गिरने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में लगी आग को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, जिसके कारण यह दुखद घटना सामने आई है।

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गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से जनपद उत्तरकाशी के जंगल लगातार सुलग रहे हैं। सेम–मुखेम रेंज, टकनौर और भटवाड़ी क्षेत्र के कई वनखंड आग की चपेट में हैं, जहां विशाल वन क्षेत्र धू-धू कर जल रहा है। लगातार भड़क रही आग के कारण लाखों रुपये की वन संपदा राख में तब्दील हो रही है और वन्यजीवों के जीवन पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कई स्थानों पर जंगलों से उठता धुआं दूर-दूर तक दिखाई दे रहा है, जिससे पर्यावरण के साथ-साथ आसपास के गांवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके बावजूद कई स्थानों पर आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पाया है और जंगल अब भी सुलग रहे हैं।

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