नई दिल्ली: भारतीय निर्वाचन आयोग आज दोपहर 3 बजे देश के अगले राष्ट्रपति के चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा करेगा. वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल आगामी 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है. दोपहर 3 बजे विज्ञान भवन में चुनाव आयोग के अधिकारियों की इस संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. आपको बता दें कि भारत के नए राष्ट्रपति को 25 जुलाई तक शपथ लेनी है. 2017 में 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव संपन्न हुआ था और मतगणना 20 जुलाई को हुई थी. संविधान के अनुच्छेद 62 का संदर्भ देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल समाप्त होने से पहले अगले राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए चुनाव उससे पहले संपन्न होना चाहिए. राष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के अलावा सभी राज्य के विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा के सदस्य वोट डालते हैं. राज्यसभा, लोकसभा या विधानसभाओं के मनोनीत सदस्यों को राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने का अधिकार नहीं है. ऐसे ही, राज्यों के विधान परिषदों के सदस्यों को भी राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है.भारतीय संविधान के अनुच्छेद-54 के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज करता है. इसके सदस्यों का प्रतिनिधित्व आनुपातिक होता है. यानी, उनका सिंगल वोट ट्रांसफर होता है, पर उनकी दूसरी पसंद की भी गिनती होती है. राष्ट्रपति चुनाव में एक खास तरीके से वोटिंग होती है. इस प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले सदस्य तमाम उम्मीदवारों में से पहले अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट डालते है. अर्थात वह बैलट पेपर में सदस्य बता देते हैं कि राष्ट्रपति पद के लिए उनकी पहली, दूसरी और तीसरी पसंद कौन है? यदि पहली पसंद वाले वोटों से विजेता का फैसला नहीं हो सका, तो उम्मीदवार के खाते में वोटर की दूसरी पसंद को नए सिंगल वोट की तरह ट्रांसफर किया जाता है.




