पिथौरागढ़,
‘मेरा सपना • मेरा लक्ष्य’— डीएम भटगांई की पहल से सीमांत क्षेत्र की बालिकाओं को मिला आत्मविश्वास और प्रशासन से सीधा जुड़ाव
प्रशासन के गलियारों तक पहुँची सीमांत क्षेत्र की बेटियाँ — डीएम भटगांई की दूरदर्शी पहल
बालिकाओं के सपनों को मिला प्रशासन का साथ — डीएम भटगांई की पहल ने तोड़ी औपचारिकता
औपचारिकता से आगे बढ़कर संवाद — प्रशासनिक ढांचे से साक्षात्कार बना बालिकाओं के लिए प्रेरणा का मंच
महिला सशक्तिकरण को जमीनी स्तर पर सशक्त रूप देने की दिशा में जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई के नेतृत्व में संचालित ‘मेरा सपना • मेरा लक्ष्य’ कार्यक्रम निरंतर प्रभावशाली परिणाम दे रहा है। इसी क्रम में कार्यक्रम के विभिन्न चरणों में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, धारचूला की 26 छात्राओं को प्रशासन से सीधे जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्राओं ने जनपद के विभिन्न शासकीय कार्यालयों का शैक्षिक भ्रमण किया तथा महिला प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझा।
यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एक सतत पहल है, जिसके तहत प्रत्येक माह दो बार दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों की बालिकाओं को प्रशासनिक तंत्र से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कार्यक्रम की सबसे उल्लेखनीय विशेषता रही जिलाधिकारी द्वारा पारंपरिक औपचारिक भाषण शैली को छोड़कर छात्राओं से खुले, सहज और संवादात्मक रूप में बातचीत करना। उन्होंने छात्राओं के सपनों, करियर विकल्पों और जीवन लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की।
जिलाधिकारी ने कहा— “सपने तभी साकार होते हैं जब उनके लिए निरंतर प्रयास किए जाएँ। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता— आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का असली मंत्र है।”
उन्होंने छात्राओं को ईमानदारी, करुणा, सम्मान, साहस, धैर्य, आत्मअनुशासन, कृतज्ञता एवं न्यायप्रियता जैसे मूल्यों को अपनाने का संदेश देते हुए इन्हें मजबूत चरित्र और सफल जीवन की आधारशिला बताया।
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह दूरदर्शी और प्रभावशाली पहल बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और जागरूकता को सशक्त करेगी तथा उन्हें नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बालिकाओं को नए अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत आधार तैयार करते हैं। पुलिस अधीक्षक ने “डिसिप्लिन और डेडिकेशन” को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए छात्राओं को निरंतर लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।
महिला अधिकारियों का मार्गदर्शन — वास्तविक प्रशासन से परिचय
शिक्षा, आयुर्वेद, उद्योग एवं प्रशासनिक सेवाओं से जुड़ी महिला अधिकारियों ने अपनी कार्ययात्रा, संघर्ष और अनुभव छात्राओं के साथ साझा किए। संवाद सत्र के दौरान छात्राओं ने करियर से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनके उत्तर अत्यंत सरल, स्पष्ट एवं प्रेरक ढंग से दिए गए।
जिलाधिकारी ने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा— “प्रशासन का द्वार आपके लिए सदैव खुला है। यदि किसी भी छात्रा को मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी, तो मैं एवं समस्त अधिकारीगण व्यक्तिगत रूप से सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे।”
संवाद सत्र के दौरान छात्राओं ने प्रशासनिक सेवाओं, करियर विकल्पों एवं भविष्य की योजनाओं को लेकर जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे। कई छात्राओं ने इस अनुभव को अपने जीवन का “अविस्मरणीय और प्रेरणादायक क्षण” बताया।
जिलाधिकारी पिथौरागढ़ की अभिनव पहल ‘मेरा सपना • मेरा लक्ष्य’ के द्वितीय संस्करण में प्रतिभाग करने वाली गंगोलीहाट स्थित कस्तूरबा गांधी इंटर कॉलेज की छात्राओं में से एक कुमारी मेघा ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संसद भवन में हाल ही में आयोजित विशेष “Know Your Leader” कार्यक्रम में सहभागिता की और जनपद पिथौरागढ़, अपने विद्यालय तथा राज्य का नाम गौरवान्वित किया।
कार्यक्रम में जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत, उपजिलाधिकारी सदर जीतेन्द्र वर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. चंद्रकला भैंसोड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. निर्मल बसेड़ा, शिक्षकगण एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मूल उद्देश्य
- बालिकाओं को प्रशासनिक, व्यावसायिक एवं सार्वजनिक संस्थानों की कार्यप्रणाली से परिचित कराना।
- उनमें आत्मविश्वास, सामाजिक जागरूकता एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना।
- सपनों को स्पष्ट लक्ष्य में परिवर्तित करने हेतु निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करना।




