हल्द्वानी
विद्यालय प्रबंधन समितियों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण तीन चरणों में सफलतापूर्वक सम्पन्न
हल्द्वानी। न्याय पंचायत लाखनमंडी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 31 प्राथमिक विद्यालय, 07 जूनियर हाई स्कूल, 02 हाई स्कूल और 03 इंटर कॉलेजों की कुल 43 विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) के 258 सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण क्रमशः कुंवरपुर, नवाड़खेड़ा और लाखनमंडी में तीन चरणों में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान ब्लॉक परियोजना अधिकारी/खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए बालिका शिक्षा, विद्यालय प्रबंधन समिति की भूमिका, विद्यालय के शैक्षिक एवं भौतिक विकास में समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया।
इस अवसर पर उन्होंने “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत सभी प्रतिभागियों को शपथ भी दिलाई—
● बेटियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने
● बालक–बालिका को समान शिक्षा हेतु प्रेरित करने
● महिलाओं एवं बालिकाओं पर होने वाले अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाने
● दहेज प्रथा एवं कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध समाज को जागरूक करने
● 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं का विवाह/निकाह न होने देने
● प्रदेश एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने
प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख बिंदु
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में निम्न विषयों पर विस्तार से चर्चा/परिचर्चा की गई—
- समग्र शिक्षा अभियान के उद्देश्य
- विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का गठन एवं दायित्व
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009
- बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण
- सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक सम्परीक्षा
- पीएम पोषण योजना में SMC की भूमिका
- विद्यालय वित्तीय प्रबंधन एवं सामग्री क्रय
- स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- बालिका शिक्षा कार्यक्रम
- स्कूल मैपिंग, बाल गणना व नामांकन
- आपदा प्रबंधन, विद्यालय सुरक्षा व साइबर क्राइम
- समावेशी शिक्षा
- विद्यालय विकास योजना में SMC की भूमिका
- अन्य विभागों के साथ समन्वय एवं फीडबैक तंत्र
- विद्यालय स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु समूह चर्चा
मास्टर ट्रेनर
- डिकर सिंह पडियार, सहायक अध्यापक, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बागजाला
- हिमांशु रौतेला, सी.आर.पी., लाखनमंडी
प्रशिक्षण के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि कई क्षेत्रों में कुछ अभिभावक अपनी बालिकाओं को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं। इस पर SMC सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्र में अभिभावकों को जागरूक कर बालिकाओं का अनिवार्य नामांकन सुनिश्चित कराने का आह्वान किया गया।
नोडल अधिकारी
- श्रीमती उषा सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किशनपुर
- रामपाल सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवाड़खेड़ा
- शोभा पंत, प्रधानाचार्य, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चोरगलियां
SMC सदस्यों की प्रतिबद्धता
प्रशिक्षण में शामिल सभी विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि उन्हें प्राप्त प्रशिक्षण का विद्यालय और छात्रों के हित में पूर्ण रूप से उपयोग किया जाएगा तथा अपने-अपने विद्यालयों में सक्रियता और प्रभावी भूमिका निभाई जाएगी।
उपस्थित सदस्य
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से—
डिकर सिंह पडियार, हिमांशु रौतेला, प्रेम चंद्र सिंह बिष्ट, ममता आर्या, हेमा तिवारी, आशा नेगी, ज्योति आर्या, मुकेश फुलारा, निशा वर्मा, गीता अधिकारी, भगवती जोशी, शमसुद्दीन सिद्दीकी, निर्मला रूवाली, उमा कार्की, गिरीश चंद्र पांडे, अनुराधा सक्सेना, शशि मर्तोलिया, गीता जन्तवाल, संगीता कोरंगा, सविता देवी, पूरनलाल कनौजिया, सपना महतोल्या, शोभा शर्मा, तनुजा मेलकानी सहित विभिन्न विद्यालयों की SMC के अध्यक्ष व सदस्य उपस्थित रहे।




