देहरादून | 25 फरवरी 2026
भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के दो प्रोजेक्ट्स का SKOCH Award हेतु चयन
राज्य के लिए गर्व की बात है कि उत्तराखण्ड के भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की दो प्रमुख परियोजनाएं — MDTSS (Mining Digital Transformation and Surveillance System) तथा ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर प्रणाली — का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award India’s Honest Independent Honour के लिए चयन किया गया है। दोनों परियोजनाओं को 106वें SKOCH समिट में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान सुशासन एवं परिणाम आधारित नवाचारों के लिए प्रदान किया जाता है।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और पारदर्शी कार्यशैली का परिणाम मानी जा रही है। विभागीय अधिकारियों के सतत प्रयासों से इन डिजिटल पहलों को सफलतापूर्वक लागू किया गया।
MDTSS से खनिज परिवहन पर सख्त निगरानी
MDTSS एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से खनिज परिवहन की स्रोत से गंतव्य तक एंड-टू-एंड निगरानी की जा रही है। इसमें ई-रवन्ना/ई-ट्रांजिट परमिट, RFID एवं ANPR आधारित वाहन पहचान, वेब्रिज एकीकरण, रियल-टाइम डैशबोर्ड, IFMS व VAHAN से समन्वय तथा स्वचालित रॉयल्टी गणना जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इससे अवैध खनन व ओवरलोडिंग पर प्रभावी अंकुश लगा है।
सिक्योरिटी फीचर युक्त ई-रवन्ना से फर्जीवाड़े पर रोक
राज्य में साधारण कागज पर छपने वाले रवन्ना प्रपत्रों की व्यवस्था समाप्त कर विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज लागू किया गया है। इनमें यूनिक क्यूआर कोड, वाटरमार्क, माइक्रो-टेक्स्ट और अमिट स्याही जैसे फीचर शामिल हैं, जिससे नकल और दुरुपयोग असंभव हो गया है। इससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में सचिव, खनन एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, उत्तराखण्ड द्वारा यह सम्मान प्राप्त किया जाएगा। यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा और विश्वास का प्रतीक है।




