बागेश्वर
ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान के प्रतीक उत्तरायणी मेले को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने विकास भवन में गूगल मीट के माध्यम से विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें वर्चुअल माध्यम से पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल भी सम्मिलित हुए।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने आगामी 13 से 20 जनवरी तक आयोजित होने वाले मेले की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि समय बेहद कम बचा है, इसलिए जिस भी अधिकारी को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे हर हाल में 10 जनवरी तक पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नालियों की सफाई, पुलों के रंग-रोगन और झाड़ियों के कटान का कार्य तत्काल पूर्ण करें। सीडीओ ने सख्त लहजे में कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी तोरण द्वार समय से तैयार हो जाने चाहिए।
मेले की भव्यता को लेकर उन्होंने सिंचाई विभाग को घाटों की विशेष सफाई और दीवारों की पुताई समय रहते पूरी करने को कहा। इसके अतिरिक्त, पर्यटन और खेल विभाग को निर्देशित किया कि वे आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की सूची पालिकाध्यक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर अंतिम रूप दें। जल संस्थान को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक अस्थाई पेयजल कनेक्शन 10 जनवरी तक अनिवार्य रूप से लगा दिए जाएं।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को एक्टिव मोड में रहकर आपसी तालमेल से काम करने को कहा। उत्तरायणी मेला जनपद की विशिष्ट पहचान है, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने भी मेले को दिव्य और सुंदर बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
बैठक में परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, पर्यटन अधिकारी पीके गौतम, परियोजना अधिकारी उरेडा डीएस पटवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।




