चम्पावत 14 जनवरी
पूर्णागिरि मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण
उत्तर भारत के विश्वप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले की तैयारियों के संबंध में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने पूर्णागिरी मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि मेला क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा आकस्मिक परिस्थितियों के लिए बैकअप व्यवस्था भी उपलब्ध रखी जाए।
वहीं स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जिला पंचायत, नगर पालिका एवं संबंधित विभागों को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और कचरा प्रबंधन की ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा सुविधाओं के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को मेला क्षेत्र में मेडिकल कैंप स्थापित करने, पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रबंधन की दृष्टि से एसडीआरएफ एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को अलर्ट मोड में रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु पूर्व तैयारी करने पर बल दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्णागिरि मेला उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन हेतु पहुंचते हैं। ऐसे में सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए समयबद्ध रूप से सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करनी होंगी, ताकि मेला सुगम, स्वच्छ एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, उपजिलाधिकारी पूर्णागिरि (टनकपुर) श्री आकाश जोशी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान, जल निगम, शारदा कॉरिडोर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




