प्रो. चौहान के नेतृत्व में पंतनगर विश्वविद्यालय ने छुए नई ऊंचाइयाँ
पंतनगर। Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology के कुलपति Prof. Manmohan Singh Chauhan को नई दिल्ली में आयोजित 52वें डेयरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस (DIC) में प्रतिष्ठित ‘प्रो. एम.आर. श्रीनिवासन मेमोरियल लेक्चर एवं ओरेशन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन इंडियन डेयरी एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया था। डेयरी विज्ञान एवं कृषि अनुसंधान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ₹50,000 की नकद राशि भी प्रदान की गई।

29 अगस्त 2022 से अब तक उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने शिक्षण, अनुसंधान, प्रसार, अधोसंरचना एवं प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2022 की तुलना में विश्वविद्यालय ने QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 152 स्थानों की छलांग लगाते हुए विषयवार 209वां स्थान प्राप्त किया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की पीआरटी द्वारा विश्वविद्यालय को ‘A’ ग्रेड प्रदान किया गया। साथ ही 14वें एग्रीकल्चर लीडरशिप कॉन्क्लेव में ‘अकादमिक लीडरशिप अवॉर्ड 2023’ से सम्मानित किया गया तथा एक प्रयोगशाला को NABL मान्यता प्राप्त हुई। कई AICRP परियोजनाओं को ICAR द्वारा ‘बेस्ट सेंटर अवॉर्ड’ भी मिला।
शैक्षणिक एवं अनुसंधान उपलब्धियां

34वें, 35वें एवं 36वें दीक्षांत समारोह में कुल 4,809 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। अनुसंधान क्षेत्र में 15 नई फसल किस्में विकसित की गईं। 44 पेटेंट दाखिल किए गए, जिनमें से 34 प्रकाशित एवं 19 स्वीकृत हुए। विश्वविद्यालय ने प्रतिवर्ष 7,000 से 8,000 क्विंटल विभिन्न फसलों का ब्रीडर सीड उत्पादन कर राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान बनाए रखा। स्थानीय बद्री गाय के नस्ल सुधार हेतु करनाल स्थित एनडीआरआई के सहयोग से क्लोनिंग कार्य प्रारंभ किया गया है।
पशुधन संरक्षण के अंतर्गत बद्री गाय, पंतजा, चौगर्खा एवं उदयपुरी बकरी जैसी स्वदेशी नस्लों को प्राथमिकता दी गई। उदयपुरी बकरी का पंजीकरण आईसीएआर-नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेज में कराया गया। मत्स्य क्षेत्र में सर्कुलर कार्प हैचरी के माध्यम से प्रतिवर्ष 40 मिलियन स्पॉन का रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया गया।
अधोसंरचना एवं किसान कल्याण में विस्तार
विश्वविद्यालय में जनरल बिपिन सिंह रावत स्कूल ऑफ हिल एग्रीकल्चर, 225 क्षमता वाला जनरल बिपिन रावत छात्रावास, महिला जिम्नेजियम, वेलनेस सेंटर, मधु वाटिका, छात्र मनोरंजन केंद्र तथा महिला स्वयं सहायता समूहों एवं एफपीओ के लिए प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की गई। परिसर में 90 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई तथा पुराने छात्रावासों, सड़कों, मुख्य द्वार एवं गांधी ऑडिटोरियम का नवीनीकरण किया गया। छात्रावास मार्ग को दो लेन में विकसित कर आवागमन सुगम बनाया गया।
किसान हित में 113वें से 117वें अखिल भारतीय किसान मेले का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 98,500 किसानों ने भाग लिया। बीज एवं पौध बिक्री से ₹3.085 करोड़ की आय अर्जित हुई। विश्वविद्यालय को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 9वां राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। प्रशासनिक सुधारों के तहत 109 लंबित प्राध्यापक पदोन्नतियों का निस्तारण किया गया।
प्रो. चौहान के नेतृत्व में पंतनगर विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान नवाचार, किसान सशक्तिकरण एवं पारदर्शी प्रशासन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करते हुए अपनी गौरवशाली परंपरा को और सुदृढ़ किया है।




