उत्तराखण्ड

बड़ी खबर (पंतनगर) विश्वविद्यालय ने विकसित की मक्के की दो नई उन्नत संकर किस्में,पढें The Pioneer की एक्सक्लूसिव खबर ।

विश्वविद्यालय ने विकसित की मक्के की दो नई उन्नत संकर किस्में

पंतनगर-: गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर द्वारा मक्के की दो नई उन्नत संकर

पंतनगर विश्वविद्यालय द्वारा विकसित मक्के की दो प्रजातियां

https://www.pioneeredge.in/gbpuat-develops-2-new-improved-hybrid-varieties-of-maize/किस्में – डीएच-344 (पंत संकर मक्का-7) एवं डीएच-346 (पंत संकर मक्का-8) विकसित की गई हैं। ये दोनों किस्में उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में खेती के लिए उपयुक्त पाई गई हैं। इन किस्मों को 31 दिसंबर 2025 को खेती हेतु अधिसूचित

किया जा चुका है। दोनों किस्में खरीफ मौसम में उगाई जाने वाली एकल क्रॉस हाइब्रिड हैं। पंत संकर मक्का-7 की उपज क्षमता 48 से 63 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पाई गई है। इसके दाने नारंगी रंग के होते हैं तथा 1000 दानों का वजन 300 ग्राम से अधिक होता है। वहीं पंत संकर मक्का-8 की उपज क्षमता 47 से 74 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही है, जिसकी औसत उपज 57 क्विंटल प्रति हेक्टेयर दर्ज की गई। इसके दाने मध्यम आकार के तथा पीले रंग के होते हैं। समन्वित परीक्षणों में दोनों किस्मों ने मेडिस लीफ ब्लाइट (एमएलबी), सरकुलेरिया लीफ स्पॉट (सीएलएस) एवं फ्यूजेरियम लीफ स्पाट (एफएसआर) के प्रति मध्यम स्तर का प्रतिरोध प्रदर्शित किया है। इसके अतिरिक्त टर्सिकम लीफ ब्लाइट (टीएलबी), बैंडेड लीफ एवं शीथ ब्लाइट (बीएलएसबी) तथा चारकोल रॉट के प्रति ये किस्में प्रतिरोधी से लेकर मध्यम संवेदनशील पाई गई हैं। इन किस्मों का तना मजबूत एवं ऊँचाई मध्यम होने के कारण तेज हवा और वर्षा में फसल के गिरने की संभावना कम रहती है। भुट्टों पर सख्त हस्क कवर होने से पक्षियों द्वारा होने वाला नुकसान अपेक्षाकृत कम होता है तथा भुट्टों को सड़ने और कटाई से पूर्व अंकुरित होने से भी बचाता है। तुड़ाई के बाद पौधे हरे रहते हैं, जिनका उपयोग पशुओं के हरे चारे के रूप में किया जा सकता है। मध्यम से बड़े आकार के दानों के कारण ये दोनों किस्में अधिक स्टार्च उत्पादन के लिए भी उपयुक्त हैं। वर्तमान में जैविक एवं अजैविक कारकों के कारण खरीफ मौसम में मक्का की औसत उत्पादकता कम बनी हुई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर जैव-ईंधन में उपयोग के चलते मक्के की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पंतनगर विष्वविद्यालय द्वारा विकसित ये दोनों संकर किस्में मक्का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
वरिष्ठ मक्का प्रजनक डा. नरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि पंत संकर मक्का-7 को माननीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिनांक 4 जनवरी 2026 को विमोचित किया गया। इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डा. मनमोहन सिंह चौहान ने डा. सिंह को हार्दिक बधाई दी है।

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