Uttarakhand city news उत्तराखंड में खनन से और राजस्व बढ़ोतरी को लेकर के जिला प्रशासन ने तैयारियां एक बार फिर से तेज कर दी है जिला अधिकारी ने खनन को लेकर के रुद्रप्रयाग जनपद में 12 स्थानों पर खनन कार्य संचालित करने के लिए खनन पट्टे आवंटित करने का फैसला लिया है ।
रिवर ड्रेजिंग से नदी प्रवाह सुधरेगा, जनपद को मिलेगा लगभग साढ़े छह करोड़ का राजस्व
जनपद रुद्रप्रयाग के अंतर्गत नदी किनारे चिन्हित 12 विभिन्न स्थानों पर खनन पट्टों का संचालन किया जाएगा। इस पहल से जहां एक ओर नदियों की प्रभावी चैनलाइजेशन संभव हो सकेगी, वहीं दूसरी ओर संबंधित विभाग को बड़ी मात्रा में राजस्व भी प्राप्त होगा। साथ ही यह प्रक्रिया मानसून सत्र से पूर्व नदियों के प्राकृतिक प्रवाह को सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष रिवर ड्रेजिंग (River Dredging) कार्य को विशेष रूप से प्राथमिकता दी गई है, ताकि नदियों के बहाव को सुव्यवस्थित किया जा सके। उन्होंने कहा कि मानसून अवधि में बड़ी मात्रा में गाड़-गदेरे नदियों में मिलते हैं, जिससे नदियां उफान पर आ जाती हैं। इस स्थिति में नदी किनारे बसे गांवों, काश्तकारों के खेत-खलिहानों एवं आवासीय भवनों पर खतरा उत्पन्न हो जाता है।
उन्होंने कहा कि मानसून से पूर्व नदियों में जमा अतिरिक्त मलबे, रेत, बजरी एवं बोल्डरों को हटाने के लिए रिवर ड्रेजिंग अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए खनन पट्टों का संचालन एक प्रभावी माध्यम है, जिससे एक ओर राजस्व अर्जन होता है तो दूसरी ओर संभावित आपदा जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में 12 अलग-अलग स्थानों को खनन पट्टा संचालन हेतु चिन्हित किया गया है। इन पट्टों के लिए दिनांक 02 फरवरी, 2026 को निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं, जिनसे जनपद को लगभग साढ़े छह करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से नदियों को उनका प्राकृतिक मार्ग मिलेगा, जल प्रवाह में सुधार होगा तथा नदी तटवर्ती क्षेत्रों में कटान एवं जलभराव जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी। साथ ही स्थानीय काश्तकारों एवं बस्तियों को संभावित नुकसान से बचाया जा सकेगा।




