उत्तराखंड में राजस्व आय को अधिक बढ़ावा देने वाली नदियों का स्थान सबसे आगे है राजस्व में खनन रॉयल्टी से सरकार को हर वर्ष करोड़ों रुपए की राजस्व आय होती है इसी को देखते हुए संबंधित एजेंसी खनन की स्वीकृति के लिए प्रयासरत रहती है खबर के अनुसार शारदा नदी में खनन कार्य के लिए 10 वर्षों की अनुमति मिली है।
जनपद चम्पावत अन्तर्गत टनकपुर स्थित शारदा नदी में उत्तराखण्ड वन विकास निगम टनकपुर द्वारा उप खनिजों का चुगान व निकासी का कार्य प्रारंभ किये के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाधिकारी नवनीत पांडेय की अध्यक्षता में जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में आरएम/डीएलएम शारदा खनन वन विकास निगम टनकपुर द्वारा अवगत कराया गया कि टनकपुर अन्तर्गत शारदा नदी के 384.69 हे0 आरक्षित वन क्षेत्र नदी तल से उपखनिजों (रेता, बजरी, बोल्डर) का 10 वर्षो तक उत्तराखण्ड वन विकास निगम टनकपुर को चुगान हेतु अनुमति प्रदान की गयी है। आरएम ने बताया कि उत्तराखण्ड वन विकास निगम टनकपुर द्वारा जनपद के वाहनों द्वारा उपखनिजों की निकासी की जायेगी। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभागीय, लोगिग प्रबन्धक (खनन), उत्तराखण्ड वन विकास निगम टनकपुर एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, टनकपुर नियमानुसार उपखनिजों के निकासी के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार वाहनों का पंजीकरण करने की कार्यवाही करें। वन विकास निगम टनकपुर ने बताया कि उप खनिजों की तौल हेतु धर्मकांट लगाए गए है ताकि कोई भी वाहन अनावश्यक रूप से टनकपुर बाजार में प्रवेश न करने पाये। इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने वन विकास निगम टनकपुर को धर्मकांटों हेतु सभी औपचारिकतायें पूर्ण करते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि उप खनिजों की निकासी /तोल हेतु कोई बाधा उत्पन्न न होने पाये। प्रभागीय लॉगिंग प्रबन्धक, (खनन) उत्तराखण्ड वन विकास निगम, टनकपुर द्वारा अवगत कराया गया कि शारदा नदी में कार्य करने हेतु लगभग दो से तीन हजार स्थानीय व बाहरी श्रमिकों को लगाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी श्रमिकों का पंजीकरण श्रम प्रर्वतन कार्यालय में करने एवं बाहर से आने वाले श्रमिकों का पुलिस विभाग से भी सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने श्रमिकों हेतु मोबाइल शौचालय, साथ ही उनके बच्चों के लिए डे केअर सेंटर बनाये, जिसमे उनके बच्चों के पड़ने व भोजन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अवैध खनन पर पूर्णतः अंकुश लगाने हेतु पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, वन विभाग के अधिकारियों को समय समय पर सख्ती से छापेमारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त प्रभागीय लॉगिंग प्रबन्धक, उत्तराखण्ड वन विकास निगम, टनकपुर को निर्देश दिए कि निकासी गेटों पर सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने जाने के निर्देश दिए ताकि उप खनिज निकासी में पारदर्शिता के साथ ही व्यवधान उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी वन प्रभाग, अपर जिलाधिकारी हेमन्त कुमार वर्मा, उप जिलाधिकारी टनकपुर आकाश जोशी, उप प्रभागीय वनाधिकारी चंपावत नेहा चौधरी, खनन सहायक नवीन देउपा आदि उपस्थित रहे।




