उत्तराखण्ड

(बड़ी खबर)काशीपुर नगर निगम.बिना कर बढ़ाए बढ़ा राजस्व, 121 करोड़ की 798 योजनाओं से बदली शहर की तस्वीर ।।

काशीपुर का कायाकल्प: धामी–बाली की जोड़ी ने रचा विकास का नया मॉडल
बिना कर बढ़ाए बढ़ा राजस्व, 121 करोड़ की 798 योजनाओं से बदली शहर की तस्वीर
काशीपुर। उत्तराखंड के विकास मानचित्र पर काशीपुर आज एक आदर्श नगर निगम मॉडल के रूप में तेजी से उभर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और काशीपुर के महापौर दीपक बाली के सशक्त प्रशासनिक प्रबंधन ने मिलकर शहर को विकास की नई राह पर अग्रसर कर दिया है। नगर निगम काशीपुर के एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर प्रस्तुत की गई प्रगति रिपोर्ट न केवल शहरवासियों के लिए संतोषजनक है, बल्कि प्रदेश के अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है।
पिछले एक वर्ष के भीतर नगर निगम काशीपुर द्वारा करीब 121 करोड़ रुपये की लागत से 798 विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा गया है। इसके साथ ही कई बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य युद्धस्तर पर जारी है, जिससे आने वाले समय में शहर के बुनियादी ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिना टैक्स बढ़ाए बढ़ा राजस्व
नगर निगम की इस उपलब्धि का सबसे अहम पक्ष उसका आर्थिक प्रबंधन है। महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में निगम प्रशासन ने जनता पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त कर भार डाले बिना राजस्व बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जहां पहले निगम की वार्षिक आय लगभग 8.50 करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 10.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आने वाले वर्ष के लिए निगम ने 25 करोड़ रुपये तक की आय का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें खास बात यह है कि इसके लिए भी कर वृद्धि का सहारा नहीं लिया जाएगा।
बजट बढ़ा, विकास को मिले नए पंख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शहरी विकास के लिए बजट में की गई बढ़ोतरी और महापौर दीपक बाली द्वारा उसका प्रभावी क्रियान्वयन आज काशीपुर के हर वार्ड और मोहल्ले में दिखाई दे रहा है। सड़कों, नालियों, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं में हुए सुधार ने शहर की तस्वीर ही बदल दी है।
प्रदेश के लिए मिसाल बनी जुगलबंदी
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री धामी और महापौर बाली की यह मजबूत जुगलबंदी काशीपुर में विकास का नया अध्याय लिख रही है। यह तालमेल न केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि यदि नेतृत्व स्पष्ट दृष्टि और ईमानदार नीयत के साथ काम करे, तो सीमित संसाधनों में भी शहर की सूरत और तकदीर बदली जा सकती है। काशीपुर में हो रहा यह चौतरफा विकास एक आधुनिक, समृद्ध और सुव्यवस्थित शहर की स्पष्ट झलक पेश कर रहा है।

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