उत्तराखण्ड

बड़ी खबर काशीपुर)बेटियों को दे शिक्षा और संस्कार, फिर करें विदा: उर्वशी बाली

बेटियों को शिक्षा और संस्कार देकर विदा करें: उर्वशी बाली
काशीपुर। समाजसेवा में जुटीं डी-बाली ग्रुप की डायरेक्टर उर्वशी दत्त बाली समय-समय पर समाज में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों और दिखावे के जीवन के प्रति झकझोरने वाले विचारों से समाज में जागृति लाने का प्रयास करती रहती हैं।
श्रीमती बाली का कहना हैं कि आज के आधुनिक और जागरूक समाज में यह सोच बदलना अत्यंत आवश्यक है कि बेटी की विदाई केवल दहेज से होती है। दहेज या शादियों पर बहुत सारा पैसा उड़ा कर न तो सुरक्षा देता है और न ही सम्मान। बेटी का सच्चा सम्मान और सुरक्षित भविष्य शिक्षा, मां बाप के संस्कार और आत्मनिर्भरता से ही सुनिश्चित होता है। श्रीमती बाली कहती है कि बेटियों को यह सिखाना ज़रूरी है कि वे ससुराल को दूसरा घर समझकर जाएं, ससुराल समझ के नहीं। उन्होंने कहा कि बेटियों को उच्च और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और संस्कार देना माता-पिता की ही ज़िम्मेदारी है। शिक्षा उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने की ताक़त देती है, सही और गलत में फर्क करना सिखाती है और आत्मविश्वास बढ़ाती है। दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त कर बेटियों को ज्यादा से ज्यादा शिक्षा, थोड़ी संपत्ति उनके नाम और आत्मनिर्भरता का मार्ग दें। तभी शिक्षित बेटी आत्मनिर्भर बेटी बनेगी और समाज सशक्त बनेगा।

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