केन्द्रीय बजट 2026-27 वर्तमान की आवश्यकताओं तक सीमित न होकर बल्कि विकसित भारत 2047 की मजबूत और टिकाऊ आधार शिला है। यह बजट आम नागरिकों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव का मध्यम है। धामी
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को बताया विकसित भारत /2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का रोडमैप
पर्यटन, विनिर्माण, आयुष, ग्रीन एनर्जी, कौशल विकास, रोजगार और शहरी अवसंरचना से राज्य के समावेशी व सतत विकास को मिलेगी नई गति
हल्द्वानी 4 फरवरी 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान बुधवार को हल्द्वानी रामपुर रोड स्थित होटल अमरदीप में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान केन्द्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत /2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की आत्मा, आत्मविश्वास और विकासशील सोच को मजबूती प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय में की गई बढ़ोतरी से दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव रखी गई है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को भी सुदृढ़ करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट इस बात का प्रमाण है कि आज की सरकार के लिए विकास केवल आंकडों का विषय नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव का माध्यम है। यह मध्यम वर्ग, करदाताओं और श्रमिकों के लिए राहत और सम्मान का बजट है। उन्होंने कहा कि नवाचार, विनिर्माण और रोजगार को केन्द्र में रखकर तैयार किया गया यह बजट देश की उत्पादकता क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्थायी रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, जो देश के दीर्घकालीन आर्थिक भविष्य के लिए अत्यन्त सहत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक का पूंजीगत व्यय यह दर्शाता है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को केवल आज की आवश्यकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की शक्ति मानती है। यह बजट सात नए कॉरिडोर, आधुनिक परिवहन नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स ढांचे का विस्तार निवेश, उद्योग और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूती देगा। वाराणासी हल्दिया जलमार्ग, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुडी उच्च-गतिः रेल कॉरिडोर केवल कनेक्टिविटी परियोजनाएं नहीं है, ये व्यापार, पर्यटन, रोजगार और राष्ट्रीय एकता के नए द्वारा खोलने वाले कदम हैं, जो भविष्य की अर्थव्यवस्था को गति देंगे।
उन्होंने अवगत कराया कि इस बजट से उत्तराखंड के समावेशी विकास में सीधा लाभ प्राप्त होगा। यह बजट पर्वतीय, सीमांत और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होने के साथ ही इसमें गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुगों और वंचित वर्गाे के सशक्तिकरण पर भी फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के लिए केन्द्रीय कर में राज्य का हिस्सा रू0 17414.57 करोड़ है। इससे इस वर्ष प्रदेश को रू0 1841.16 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्कीम फॉर स्पेशल अस्सिटेंस टू स्टेटस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट का राज्य द्वारा जो विस्तार करने का अनुरोध केन्द्र सरकार से किया गया था, इस बजट में न केवल इस योजना को विस्तार मिला है अपितु प्रावधान भी बढ़ाया गया है। यह संसोधित अनुमान रु0 1,44,000 करोड़ से बढ़कर रू 185000 कर दिया गया है। जो कि रु 41000 करोड अधिक हैं।
उन्होंने कहा कि बजट में लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए महिलाओं को क्रेडिट लिंक्ड आजीविका से उद्यमिता की ओर बढ़ने में मदद करने की योजना बनाई हैं। उससे यहां की महिलाओं की आर्थिकीय में मजबूती आयेगी। इसके साथ ही रेवले के क्षेत्र में भी उत्तराखंड को ₹4,769 करोड़ का रिकॉर्ड रेल बजट आवंटन किया गया है जो 2009-2014 की तुलना में 26 गुना अधिक वृद्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य में 39,491 करोड़ की रेल परियोजनाएं प्रगति पर है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना तेज़ी से अंतिम चरण की ओर है। 11 स्टेशन अमृत स्टेशन योजना के तहत पुनःविकसित किये जा रहे हैं, इसके अतिरिक्त 100 प्रतिशत रेल विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। 54 कवच सिस्टम, 106 फ्लाईओवर/अंडरपास के साथ ही 3 वन्दे भारत और एक अमृत भारत एक्सप्रेस से बेहतर कनेक्टिविटी राज्य को मिली है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य प्रोत्साहन, नए अवसर को मजबूती मिली है। ग्रीन एनर्जी और सतत विकास के क्षेत्र में हरित ऊर्जा और ग्रीन इकोनोमी पर बजट में विशेष बल दिया गया है । इससे उत्तराखण्ड को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा और जल, सौर और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को प्रात्साहन मिलेगा। इसके अतिरिक्त आयुष, फार्मा, खादी, हथकरघा और लघु एवं सूक्ष्म उद्योग सेक्टर में भी मजबूती मिली है। जिससे ग्रामीण अर्थ व्यवस्था सशक्त व मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह बजट महिला सशक्तिकरण एवं सामाजिक ढ़ांचा के क्षेत्र में भी राज्य को लाभ प्रदान करेंगा। प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावास की व्यवस्था से महिला सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी। ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘विश्वास आधारित शासन’ से निवेश, रोजगार और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
*मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 किसानों को सशक्त करता है, युवाओं को अवसर देता है, महिलाओं को आत्म निर्भर बनाता है, पर्वतीय राज्यों को नई पहचान देता है और देश को आत्म निर्भरता से विकसित राष्ट्र की ओर मजबूती से ले जाता है।*
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के तीन प्रमुख स्तंभ संतुलित एवं समावेशी विकास, वंचित वर्गों का क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास, दूरस्थ के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों, गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, बच्चों और वंचित वर्गों सभी के समग्र उत्थान का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को विशेष लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में किए गए विविध और नीतिगत प्रावधानों से उत्तराखंड में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। आयुष, फार्मा, हथकरघा, खादी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय एवं वन संपदा से समृद्ध राज्य में ग्रीन इकोनॉमी को बल मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि 16 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप उत्तराखंड के हितों का ध्यान रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर केन्द्र सरकार को दिए गए प्रस्तावों और अनुरोधों को भी बजट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित किया गया है, जो राज्य-केंद्र के सहयोगात्मक संघवाद का सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 उत्तराखंड को रोजगार, निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा और राज्य के समावेशी, संतुलित व सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।




