हल्द्वानी-: उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष से एक बार फिर जंगली लाल हुआ है रामनगर डिवीजन के काठगोदाम लामाचौड़ के फतेहपुर क्षेत्र में प्लॉट नंबर दो पर गांधी आश्रम से लगे हुए जंगल में बाघ के हमले में 65 वर्षीय गंगा देवी की दर्दनाक मौत हो गई है ।
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पीपल पोखरा निवासी गंगा देवी तीन अन्य महिलाओं के साथ जंगल में करीब 3 किलोमीटर अंदर घास काटने गई थीं इस बीच झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। तीन महिलाएं जान बचाकर भाग निकलीं, लेकिन गंगा देवी को बाघ घसीटता हुआ जंगल के एक किलोमीटर और भीतर ले गया ।
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची वन क्षेत्र अधिकारी प्रदीप कुमार असगोला अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे तथा महिलाओं की साथ लेकर उन्होंने खोजबीन प्रारंभ की जहां पर गंगा देवी का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने भी जांच पड़ताल प्रारंभ कर सबको कब्जे में लेकर उसे सब विच्छेदन गृह भेज दिया है, उधर घटना के बाद मौके पर पहुंचे प्रभागीय वनाधिकारी रामनगर डिवीजन ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने घटनास्थल का दौरा किया और कैमरा ट्रेप लगाने तथा आदमखोर बाघ के की निगरानी के साथ पिंजरा लगाने के भी निर्देश दिए हैं ।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यही जंगल पहले भी खूनी वारदातों का गवाह बन चुका है। बाघ और गुलदार के हमलों में सात लोगों की जान पहले ही जा चुकी है, फिर भी वन विभाग ने न तो इलाके को संवेदनशील घोषित किया, न सघन गश्त कराई और न ही पिंजरे लगवाए।




