देहरादून: उच्च न्यायालय में राज्य के विधि अधिकारियों का पदोन्नयन, राज्यपाल ने दी स्वीकृति
देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार ने उच्च न्यायालय नैनीताल में राज्य की ओर से पैरवी करने वाले विधि अधिकारियों के पदोन्नयन को मंजूरी दे दी है। न्याय अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखण्ड वादकारिता नीति-2011 एवं सामान्य अनुदेश-2010 के तहत राज्यपाल ने विभिन्न विधि अधिकारियों को उच्चीकृत पदों पर तत्काल प्रभाव से अग्रेत्तर आदेश तक आबद्ध करने की स्वीकृति प्रदान की है।

जारी आदेश में श्री सुनील खेड़ा (उप महाधिवक्ता) को अपर महाधिवक्ता, श्री प्रदीप हेडिया (स्थायी अधिवक्ता) को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता बनाया गया है। वहीं सुश्री पूजा बंगा और श्री सचिन गोहन गेहता को स्थायी अधिवक्ता के पद पर उच्चीकृत किया गया है।
इसके अतिरिक्त श्री प्रदीप लोहनी एवं सुश्री गीनाक्षी शर्मा को सहायक शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किया गया है।
सरकार ने अन्य अधिवक्ताओं को भी विभिन्न पदों पर नियुक्ति दी है, जिनमें श्री राकेश सिंह कुवर एवं श्री विश्व दीपक विसैन को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता, श्री देवेन्द्र सिंह व श्री देवेन्द्र सिंह बोहरा को सहायक शासकीय अधिवक्ता तथा श्री गिरिश चन्द्र खोलिया को स्थायी अधिवक्ता बनाया गया है। वहीं श्री जय प्रकाश को ब्रीफ होल्डर (क्रिमिनल) के रूप में नियुक्त किया गया है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह नियुक्तियां व्यवसायिक आबद्धता के आधार पर हैं, न कि किसी सिविल पद पर स्थायी नियुक्ति। राज्य सरकार को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के इन नियुक्तियों को समाप्त कर सकती है। वहीं संबंधित अधिवक्ता भी लिखित सूचना देकर अपनी आबद्धता समाप्त कर सकते हैं।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आबद्ध अधिवक्ता अपने कार्यकाल के दौरान उत्तराखण्ड राज्य के विरुद्ध किसी भी न्यायालय में पैरवी नहीं करेंगे।




