देहरादून स्थित स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह ‘हिमफेस्ट 2026’ का रविवार को भव्य समापन हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल कुशल चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक तैयार कर रहा है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए नैतिक मूल्यों और संस्कारयुक्त शिक्षा को अनिवार्य बताया। नई शिक्षा नीति को उन्होंने दूरदर्शी पहल करार दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और छात्र-छात्राओं की सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद टैगोर, अशोक, आज़ाद और शिवाजी हाउस के विद्यार्थियों ने आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत कर अनुशासन और उत्साह का परिचय दिया।
संस्थान की उपाध्यक्ष विदुषी निशंक ने स्वागत भाषण में कहा कि स्वर्णिम भारत के निर्माण के लिए स्वर्णिम चरित्र आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में सेवाएं दे रहे हैं और संस्थान नवाचार व मूल्यपरक शिक्षा का केंद्र बन चुका है।
विशिष्ट अतिथि डोईवाला विधायक बृज भूषण गैरोला ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा को व्यवसाय नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का माध्यम मानना चाहिए।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भारतीय ज्ञान परंपरा और समग्र शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. बी. के. एस. संजय ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों के चरित्र का निर्माण है और विश्वविद्यालय इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है।
विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. राकेश सुंदरियाल ने कहा कि अल्प समय में ही संस्थान ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
कार्यक्रम में 11 फरवरी से आयोजित शैक्षणिक, खेल एवं क्विज प्रतियोगिताओं का रिकैप वीडियो प्रदर्शित किया गया। विभिन्न राज्यों की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। साथ ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और सुरक्षा कर्मियों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में राज्य मंत्री सुभाष वर्थवाल, नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष प्रोफेसर प्रदीप भारद्वाज, आर्यन देव उनियाल, पूर्व आयुष निदेशक पूजा भारद्वाज, पूर्व प्रति कुलपति डॉ. राजेश नैथानी और सचिव बालकृष्ण चमोली सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




