उत्तराखण्ड खनन विभाग ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, 1217 करोड़ का ऐतिहासिक राजस्व अर्जन
देहरादून, 5 अप्रैल:
उत्तराखण्ड के खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व अर्जन के मामले में नया इतिहास रच दिया है। विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 950 करोड़ रुपये के मुकाबले कुल 1217 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
लक्ष्य से काफी अधिक हुआ राजस्व संग्रह
विभाग द्वारा ट्रेजरी में 1130 करोड़ रुपये जमा किए गए, जबकि जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) में 80 करोड़ और एसएमईटी से 7 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इससे कुल राजस्व 1217 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 875 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 1041 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया था।
पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी छलांग
खनन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2012-13 में मात्र 110 करोड़ रुपये से शुरू हुआ राजस्व लगातार बढ़ते हुए अब हजार करोड़ के पार पहुंच चुका है। वर्ष 2023-24 में 645 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ था, जो अब लगभग दोगुने स्तर तक पहुंच गया है।
नीतिगत सुधारों का दिखा असर
राज्य सरकार के नेतृत्व में खनिज नीति और नियमावली को सरल बनाया गया, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत खनन पट्टों के आवंटन ने भी राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तकनीक से मजबूत हुई निगरानी
विभाग ने MDTSS (Mining Digital Transformation & Surveillance System) और ई-रवन्ना जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की हैं। इसके तहत चार मैदानी जनपदों में 45 अनमैन्ड ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें ANPR कैमरा, RFID टैग और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
साथ ही Mineral Management System, e-Ravanna, Mining e-Services, Decision Support System (DSS), VTS और वेब्रिज इंटीग्रेशन जैसी तकनीकों से निगरानी व्यवस्था को और सशक्त किया गया है।
ई-रवन्ना में सिक्योरिटी पेपर से रोक लगी फर्जीवाड़े पर
ई-रवन्ना प्रपत्रों में विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज के उपयोग से नकल और दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगी है, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
खनन विभाग की MDTSS और ई-खनन सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रतिष्ठित SKOCH Award (Gold) से सम्मानित किया गया।
केंद्र सरकार से मिला अतिरिक्त प्रोत्साहन
खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा राज्य को 200 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इसमें 100 करोड़ रुपये Minor Mineral Reforms में द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर तथा 100 करोड़ रुपये State Mining Readiness Index के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिए गए।
अवैध खनन पर सख्ती जारी
विभाग द्वारा ई-रवन्ना पोर्टल को समय-समय पर अपडेट कर अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार सख्ती बरती जा रही है।
नया कीर्तिमान, नई दिशा
खनन विभाग की यह उपलब्धि न केवल राजस्व वृद्धि का संकेत है, बल्कि पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रशासन की दिशा में एक मजबूत कदम भी मानी जा रही है।




