देहरादून
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर छात्रों के शैक्षिक प्रमाण-पत्र, क्रेडिट डेटा और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजी-लॉकर, नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (एनएडी) और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) में अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। यूजीसी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को शैक्षणिक वर्ष 2021 से 2024 के बीच छात्रों के एपीएएआर आईडी से संबंधित सभी डेटा डिजी-लॉकर/एनएडी-एबीसी प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
रावत ने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजिटल परिवर्तन पर प्राथमिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल व्यवस्था से छात्रों के शैक्षिक दस्तावेज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कभी भी, कहीं भी उपलब्ध होंगे। इससे पारदर्शिता, सुगमता सुनिश्चित होगी और समय की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एनएडी-एबीसी प्रणाली न केवल छात्रों को डिजिटल शिक्षा की मान्यता प्रदान करती है, बल्कि क्रेडिट ट्रांसफर को भी आसान बनाती है।
रावत ने बताया कि यूजीसी ने विश्वविद्यालयों के लिए डिजी-लॉकर पर दस्तावेज अपलोड करने की समय-सीमा भी बढ़ाकर नवंबर 2025 कर दी है। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें एनएडी-एबीसी प्लेटफॉर्म पर डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। विश्वविद्यालयों के सभी परीक्षा नियंत्रकों, महाविद्यालयों के नोडल अधिकारियों और तकनीकी अधिकारियों को छात्रों के दस्तावेज डिजी-लॉकर पर अपलोड करने की अद्यतन रिपोर्ट के साथ कार्यशाला में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।




