सिलक्यारा टनल से 65 मजदूरों की अचानक छंटनी, गुस्साए श्रमिकों ने किया धरना, ब्लॉक प्रमुख ने दिया समर्थन
संवाददाता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह
ब्रह्मखाल/उत्तरकाशी। सिलक्यारा टनल में कार्यरत 65 स्थानीय मजदूरों को कंपनी प्रबंधन द्वारा अचानक नौकरी से हटाए जाने पर शनिवार को श्रमिकों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों का कहना है कि कंपनी ने उनसे उनकी रोज़ी-रोटी छीन ली है, जबकि सुरंग का कार्य अभी लगभग एक वर्ष तक शेष है। बावजूद इसके, उन्हें समय से पहले ही हटा दिया गया।
धरना स्थल पर पहुंचे संबंधित अधिकारी एवं तहसीलदार ने कर्मचारियों की समस्याओं को सुना और कंपनी प्रबंधन से वार्ता का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने सोमवार तक का समय मांगा है।
इस मौके पर डुंडा ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार भी धरना स्थल पहुंचे और मजदूरों का साथ दिया। उन्होंने कहा कि इन मेहनतकश मजदूरों ने टनल निर्माण में वर्षों तक दिन-रात मेहनत की है। कंपनी का यह कदम अन्यायपूर्ण है और मैं मजदूर भाइयों के साथ खड़ा हूं। यदि सोमवार तक इन्हें पुनः बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। मजदूरों का हक और सम्मान सुरक्षित रहना ही हमारी पहली प्राथमिकता है।
धरना स्थल पर मौजूद श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने समय पर निर्णय नहीं लिया तो यह आंदोलन लंबा चलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मजदूरों की आजीविका सुरक्षित करने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे।
इस बीच कंपनी प्रबंधन का कहना है कि टनल निर्माण कार्य के विभिन्न चरणों में कर्मचारियों की संख्या कार्य की आवश्यकता के अनुसार घटती-बढ़ती रहती है। वर्तमान समय में कुछ तकनीकी कारणों एवं कार्य की सीमित उपलब्धता के चलते श्रमिकों को अस्थायी रूप से हटाया गया है। कंपनी स्थानीय श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और सोमवार तक सभी पक्षों से वार्ता कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।




