उत्तराखण्ड

बड़ी खबर(हल्द्वानी) कोसी रामगंगा के बाद, अब मछली वन की नंधौर नदी में ऊदबिलाव का विचरण ।।

हल्द्वानी | ओपी अग्निहोत्री
संरक्षण प्रयासों को बड़ी सफलता देते हुए हल्द्वानी के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कुंदन कुमार ने नंधौर नदी में हाल ही में ऊदबिलाव (Otter) के दिखाई देने को क्षेत्र की बेहतर होती जैव-विविधता का “मजबूत पारिस्थितिक संकेत” बताया है। कोसी और रामगंगा के बाद अब उत्तराखंड के नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के नंधौर रेंज के मछलीवन क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान वन कर्मियों ने नदी किनारे ऊदबिलावों के एक समूह को सक्रिय रूप से विचरण करते और पानी में गोता लगाते हुए देखा। मौके पर बनाया गया वीडियो इस दुर्लभ दृश्य की पुष्टि करता है, जो तराई क्षेत्र के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।

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डीएफओ कुंदन कुमार ने कहा, “ऊदबिलाव की उपस्थिति नदी तंत्र के स्वस्थ होने का संकेत है। उनकी वापसी नंधौर नदी के इस हिस्से में जैव-विविधता को सशक्त बनाती है और हम इनके संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं।”
विशेषज्ञों के अनुसार, देखी गई प्रजाति संभवतः स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव (Smooth-coated otter) है, जिसे आईयूसीएन रेड लिस्ट में ‘असुरक्षित’ (Vulnerable) श्रेणी में रखा गया है तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-II के तहत संरक्षित किया गया है। यह प्रजाति सामाजिक स्वभाव की होने के बावजूद अत्यंत सतर्क और कम दिखाई देने वाली मानी जाती है।
ऊदबिलाव को स्वच्छ और संतुलित नदी पारिस्थितिकी तंत्र का जैव-संकेतक माना जाता है, क्योंकि उनका अस्तित्व साफ पानी और पर्याप्त मछली संसाधन पर निर्भर करता है। नंधौर नदी तंत्र में स्वच्छ एवं तीव्र प्रवाह वाले जल में पाई जाने वाली गोल्डन महसीर जैसी महत्वपूर्ण हिमालयी मछली प्रजाति भी मौजूद है, जो जलीय खाद्य शृंखला का अहम हिस्सा है।
वन विभाग द्वारा अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियों पर सख्ती, निरंतर नदी मॉनिटरिंग और नदी किनारे की वनस्पति के संरक्षण जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही मछलीवन क्षेत्र में निगरानी और तेज की जा रही है, ताकि ऊदबिलाव की गतिविधियों और उनकी संख्या का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सके।
संरक्षण विशेषज्ञ इस घटना को सतत आवास संरक्षण, शिकार-रोधी अभियान और जन-जागरूकता के सकारात्मक परिणाम के रूप में देख रहे हैं। जैव-विविधता के बेहतर संकेतों के साथ नंधौर क्षेत्र उत्तराखंड की तराई में नदी-आधारित संरक्षण का एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है।

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