देहरादून।
उत्तराखंड के ऊँचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर बर्फबारी और हिमस्खलन (अवलांच) का खतरा बढ़ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने रक्षा भू-आकृतिक अनुसंधान संस्थान (DGRE), चंडीगढ़ के पूर्वानुमान के आधार पर सभी संबंधित जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं।
SEOC द्वारा जारी पत्र के अनुसार 03 फरवरी 2026 की सायं 5 बजे से 04 फरवरी 2026 की सायं 5 बजे तक प्रदेश के ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के साथ हिमस्खलन की संभावना जताई गई है।
पूर्वानुमान में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जनपदों को डेंजर लेवल-2, जबकि बागेश्वर जनपद को डेंजर लेवल-1 श्रेणी में रखा गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक बर्फबारी की स्थिति में अचानक अवलांच आने का खतरा बढ़ सकता है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
आमजन के लिए जारी की गईं प्रमुख सावधानियां
दिन और रात दोनों समय आसपास के क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी व हिमस्खलन की जानकारी लेते रहें।
बर्फबारी या हिमस्खलन के दौरान बर्फीले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
घरों, अस्थायी आवासों और गौशालाओं की छतों पर जमा बर्फ को नियमित रूप से साफ करते रहें।
बर्फीले रास्तों पर चलते समय फिसलन और ढलान पर विशेष नजर रखें।
यदि अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अस्थायी रूप से निवास कर रहे हों तो एक-दो दिन के लिए निचले क्षेत्रों में चले जाएं।
पुराने हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अत्यधिक सतर्कता बरतें।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस चेतावनी को संवेदनशील क्षेत्रों में व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए, ताकि किसी भी संभावित आपदा से जनहानि को रोका जा सके।




