ईवीसीएल क्रिकेट लीग फर्जीवाड़े का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार
गौलापार अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजन के नाम पर 32 लाख की ठगी, दो बैंक खाते फ्रीज
हल्द्वानी/गौलापार। अन्तर्राष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में आयोजित की जा रही बहुचर्चित ईवीसीएल (एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग) के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े का एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टी.सी. ने खुलासा किया है। क्रिकेट लीग के आयोजन के नाम पर दो टीम मालिकों से कुल 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोपी विकास ढाका को काठगोदाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपी के लेनदेन से जुड़े दो बैंक खातों को फ्रीज करा दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 05 फरवरी 2026 को वादी हेमंत शर्मा निवासी झज्जर (हरियाणा) तथा नारायण पाल, पूर्व विधायक सितारगंज एवं निवासी हल्द्वानी द्वारा थाना काठगोदाम में तहरीर दी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित ईवीसीएल क्रिकेट लीग के आयोजक विकास ढाका ने लीग आयोजन के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
तहरीर के आधार पर थाना काठगोदाम में एफआईआर संख्या 13/2026 एवं 14/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नैनीताल ने तत्काल पुलिस टीम गठित कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष विमल मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने 06 फरवरी 2026 को मल्ला काठगोदाम से आरोपी विकास ढाका को गिरफ्तार कर लिया।
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने टीम मालिकों को यह झांसा दिया था कि लीग में हरभजन सिंह, इरफान पठान, प्रवीण कुमार, मनप्रीत गोनी सहित कई अंतर्राष्ट्रीय व रणजी खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
शिकायतकर्ता हेमंत शर्मा ने ‘यूपी वॉरियर्स’ नामक टीम खरीदी, जिसकी फ्रेंचाइजी फीस 50 लाख रुपये बताई गई, लेकिन डिस्काउंट का लालच देकर 30 लाख में सौदा तय किया गया। इसके एवज में हेमंत शर्मा से कुल 23 लाख रुपये नगद व अन्य माध्यमों से वसूले गए।
वहीं नारायण पाल ने ‘उत्तराखंड सोल्जर्स’ नाम से टीम खरीदी, जिसके लिए 50 लाख की फ्रेंचाइजी फीस बताकर 10 लाख की छूट दिखाते हुए सौदा तय किया गया। इस दौरान उन्होंने 3 लाख रुपये नगद तथा 6 लाख रुपये प्रचार-प्रसार (होर्डिंग्स) में खर्च किए, कुल 9 लाख रुपये का भुगतान हुआ।
टूर्नामेंट की शुरुआत 01 फरवरी 2026 को तय थी, लेकिन निर्धारित तिथि बीतने के बाद भी आयोजन शुरू नहीं हुआ। अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों से संपर्क करने पर पता चला कि उन्हें इस लीग के बारे में कोई जानकारी ही नहीं थी। न तो टीमों की जर्सी, न लोगो और न ही अन्य तैयारियां की गई थीं, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि हुई।
गिरफ्तार आरोपी
विकास ढाका पुत्र यशवीर सिंह ढाका, निवासी ए-162, सेक्टर नोएडा, उत्तर प्रदेश, उम्र 35 वर्ष।




