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उत्तराखण्ड

बिग ब्रेकिंग-:कौन बनेगा करोड़पति में अमिताभ का सफेद झूठ,जब दिल्ली तक कोई ट्रेन नहीं तो किस कोच के डंडे पर लटक कर उन्होंने कि दिल्ली तक यात्रा,अमिताभ की शेखी पर प्रशंसक हुए मायूस ।

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हल्द्वानी
कहते हैं कि किसी जमाने में शेखचिल्ली लंबी-लंबी शेखी बघारते थे लेकिन यहां कौन बनेगा करोड़पति के हॉट सीट के सामने बैठे होस्ट सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने ऐसी शेखी बघारी कि लोग उनकी इस शेखी पर चटकारे ले रहे हैं हम इस बात को खुद नहीं कह रहे हैं यह बात उन्होंने खुद कौन बनेगा करोड़पति में हॉट सीट पर बैठ कर अपने मुंह से कहीं कि हमने एक बार ट्रेन के डिब्बे के पायदान पर डंडे से लटक कर दिल्ली तक का सफर किया।

अमिताभ ने नैनीताल के शेरवुड स्कूल में सीनियर सेकेंडरी की पढ़ाई वर्ष 1957 से 1958 में की थी। अमिताभ ने कार्यक्रम के दौरान काठगोदाम-हल्द्वानी के साथ अपने दोस्तों की चर्चा करते हुए दिल्ली तक के सफर, तक का जिक्र किया था लेकिन सबसे बड़ी बात यह रही की वह जिस ट्रेन में पायदान पर खड़े होकर दिल्ली तक की यात्रा करने का जिक्र कर रहे थे वह ट्रेन काठगोदाम से कभी चली ही नहीं ।

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अमिताभ ने हॉट सीट पर बैठ मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के रहने वाले अंशु रविदास से सवाल पूछा कि किस तरीके से यात्रा करने पर आपका टिकट टीटीई चैक करता है। इस सवाल का जवाब अंशु ने ट्रेन दिया जो सही है। वहीं इस दौरान अमिताभ ने सैट पर इतनी लंबी छोड़ी कि वह किसी को हजम नहीं हो पाई उन्होंने बताया कि स्कूल के दिनों में वह एक बार नैनीताल से दिल्ली जा रहे थे। उनके पास केवल 10 रुपए थे लेकिन वह भी खर्च हो गए थे। उनके कुछ साथियों ने काठगोदाम से ट्रेन में बैठने को कहा लेकिन बिना टिकट के डर रहे थे लेकिन दोस्तों ने उन्हें मना लिया और वह काठगोदाम से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बिना टिकट बैठ गए।

अमिताभ यहां भी नहीं रुके और आगे और लंबी शेखी बधारते हुए उन्होंने यह तक कह डाला कि जब टीटीई चैकिंग पर आए थे उन्हें हमारे पास टिकट नहीं मिला। उन्होंने हमे ट्रेन से बाहर निकाल दिया। हम क्या करते लेकिन हमने ट्रेन के दरवाजे में हैंडल से लटककर यात्रा पूरी की। उन्होंने कहा कि मुझे बिना टिकट यात्रा करने में डर लगता है और आप इस वाक्ये को किसी के साथ शेयर ना करें। अमिताभ का यह किस्सा सुनकर कार्यक्रम में पहुंचे दर्शक भले ही खुश हो रहे हो लेकिन अमिताभ की यह शेखी बघारने से क्षेत्र के लोगों को कुछ बात हजम नहीं हुई।
रेलवे विभाग से जब जानकारी जुटाई गई तो काठगोदाम से दिल्ली के बीच छोटी लाइन से बड़ी रेल लाइन आमान परिवर्तन का कार्य 1994 अप्रैल में खत्म हुआ जिसके बाद से दिल्ली के लिए रानीखेत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन हुआ, जबकि लालकुआं काशीपुर रेलखंड पर मई 2000 में रेल यातायात प्रारंभ हुआ, वही लालकुआं बरेली रेलखंड में 2012 में ब्रॉडगेज बनने के बाद ट्रेनों ने रफ्तार पकड़ी।
वर्ष 1994 से पूर्व बरेली काठगोदाम रेल खंड पर मीटर गेज की ट्रेनों का संचालन होता था। जिसमें मात्र तीन ही ट्रेनों का संचालन काठगोदाम से किया जाता था जिसमें 05307 काठगोदाम-लखनऊ ,नैनीताल एक्सप्रेस, तथा 053012 कुमाऊं एक्सप्रेस जो आगरा फोर्ट तक संचालित होती थी , तथा एक ट्रेन शाम को काठगोदाम से कासगंज तक पैसेंजर के तौर पर ट्रांबा के नाम से जानी जाती थी अब सवाल उठता है कि जब दिल्ली के लिए कोई ट्रेन ही नहीं तो सदी के महानायक ने वर्ष 1957 में दिल्ली तक किस ट्रेन से यात्रा की अमिताभ बच्चन द्वारा इतनी लंबी छोड़ी गई वह बात अब भी लोगों को हजम नहीं हो रही है लोग यहां तक कह रहे हैं कि कहीं नेता झूठ का सहारा लेकर अपनी नेतागिरी चमका आते हैं वही सदी के महानायक भी कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर बैठकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं।

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