उत्तरकाशी -:द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हिमस्खलन होने के कारण नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी के 28 प्रशिक्षार्थियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई है।
आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार यह घटना डोकरानी बामक ग्लेशियर तहसील भटवाड़ी सड़क मार्ग से रोड हेड भुक्की से लगभग 22 किलोमीटर दूर तथा समुद्र तल से करीब 13000 फीट की ऊंचाई पर बताई जाती है जहां नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी के 22 सितंबर से 8 अक्टूबर तक बेसिक एडवांस कोर्स जिसमें बेसिक कोड में 97 प्रशिक्षणार्थी 24 प्रशिक्षक व एक अधिकारी कुल 122 तथा एडवांस कोर्स में 22 प्रशिक्षणार्थी 9 प्रशिक्षक तथा कुल 53 संचालित है जिसमें एडवांस कोर्स जो वर्तमान में माउंटेन ट्रेनिंग समिट के दौरान दिनांक 4 अक्टूबर को द्रौपदी के डांडा दो की ऊंचाई 5006 मीटर के पास हिमस्खलन आने के कारण लगभग 29 पर्वतारोहण प्रशिक्षण की प्रशिक्षक एवं कैवांश में फंस गए जिनमें 8 लोगों को दल के अन्य सदस्यों द्वारा रेस्क्यू किया गया है तथा लगभग 21 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षक फंसे हैं जिनके रेस्क्यू की कार्रवाई दल द्वारा तेज गति से की जा रही है ।।

उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने माननीय केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री Rajnath Singh जी से वार्ता कर रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के लिए सेना की मदद लेने हेतु अनुरोध किया है, जिसको लेकर उन्होंने हमें केंद्र सरकार की ओर से हर सम्भव सहायता देने के लिए आश्वस्त किया है।
प्रशिक्षार्थियों को जल्द से जल्द सकुशल बाहर निकालने के लिए NIM की टीम के साथ जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, सेना और ITBP के जवानों द्वारा तेजी से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।”इस बीच एक हेलीकॉप्टर में 5 एसडीआरएफ टीम के जवानों के साथ सहस्त्रधारा एयरपोर्ट से उड़ान भरकर के टीम निम बेस कैंप पर पहुंच गई है।




