हल्द्वानी-: तमाम चुनौतियां .सर्द हवाओं के थपेड़े शीतलहर से शरीर को झकझोर देने वाली सिहरन भरी ठंड भी गौला नदी संघर्ष समिति के सदस्यों के मनोबल को नहीं डिगा पाई है लगातार 40 दिनों से इस ठंड में अपनी एक राज्य एक रॉयल्टी की जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे संघर्ष समिति के सदस्यों के हौसले पर अब हर लोग नतमस्तक होते जा रहे हैं. 7000 से अधिक वाहनो का शोर जो अक्टूबर माह से प्रारंभ हो जाता था वही जनवरी निकलने को आया है लेकिन सरकार की बेरुखी पर इस पर लगाम लगी हुई है नतीजन गौला नदी में खनखनाने वाले फावड़े और बेलचे की खनखन आहट अभी भी नहीं सुनाई पड़ी है. कुमाऊं की लाइफलाइन कही जाने वाली गौला नदी की धड़कन बंद रहने से जहां राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है वही हल्द्वानी.रुद्रपुर.किच्छा. लालकुआं. हल्दुचौंङ.बिंदुखत्ता सहित समीपवर्ती क्षेत्रों में रोजगार जैसे थम सा गया है. तथा लोग धरना स्थल पर आकर गौला संघर्ष समिति के प्रति अपना समर्थन भी जारी कर रहे हैं लोगों का कहना है कि सरकार को इस बड़े रोजगार को तुरंत प्रारंभ करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए तथा तुरंत पूरे प्रदेश में समान रॉयल्टी करनी चाहिए जिससे दम तोड़ चुका गौला नदी से जुड़ा हुआ व्यापार पुरी तरह से पटरी पर आ सके।
आज भी सुबह से ठंड के बीच इस धरना स्थल पर लोगों का मनोबल बढाने के लिए गौला नदी संघर्ष समिति के अध्यक्ष जीवन कवडवाल. मनोज जोशी. गोकुल पपोला. मनोज बिष्ट. पंकज दानू.वीरेंद्र दानू.कमलेश मेहरा. हरीश सुयाल. नवीन गड़िया. हरीश दानू .संजय सिंह बिष्ट.पूरन बिष्ट. सुंदर नयाल. महेंद्र कुमार तारानगर कोठी. बसंत जोशी आदि लोग ने धरना स्थल पर पहुंचकर चल रहे आंदोलन में अपनी भागी सुनिश्चित करते हुए सरकार से तुरंत एक राज्य एक रॉयल्टी की पुरजोर मांग की ।।




