प्रख्यात अखिल भारतीय आयुर्वैदिक संस्थान यानी एम्स- की तर्ज पर अब जिम कार्बेट नेशनल पार्क में वन्यजीवों का इलाज किया जाएगा जिसके लिए कार्बेट प्रशासन ने तैयारियां तेज करते हुए बन रहे रेस्क्यू सेंटर. में अभी से घायल एवं बीमार तेंदुओं सहित घायल बाघों हाथियों का उपचार करना प्रारंभ कर दिया है।
रामनगर –

विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क वन्य जीव जंतु संरक्षण के लिए एक बड़ा प्लेटफार्म तैयार कर रहा है यहां ढेला जोन में 30 हेक्टेयर क्षेत्र में बन रहा रेस्क्यू सेंटर राज्य का सबसे बड़ा वन्य जीव जंतु रेस्क्यू सेंटर होगा . जिसमें सर्जन.फिजीशियन. एनएसथीसिया एक्सपर्ट सहित 30 लोगों का चिकित्सीय स्टॉप इस रेस्क्यू सेंटर में काम करेगा.अब तक इस प्रोजेक्ट में करीब 10 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं इस सेंटर में भालू.सांप. परिंदों तथा विभिन्न अन्य जीव-जंतुओं, का इलाज आने वाले समय में किया जाएगा जबकि अब तक तैयार हो चुके इस रेस्क्यू सेंटर में बाघ.तेंदुआ एवं गजराज का इलाज वर्तमान में किया जा रहा है। अभी पांच तेंदुए के सहित दो बाघों का उपचार चल रहा है।
जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक राहुल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कॉर्बेट पार्क भ्रमण के बाद इस रेस्क्यू सेंटर की 2019 में घोषणा की गई थी, जिसका निर्माण कार्य अभी चल रहा है 19 करोड़ की लागत से बनने वाले इस रेस्क्यू सेंटर में अब तक 10 करोड़ रुपए खर्च कर फिलहाल वन्य जीव जंतुओं का इलाज प्रारंभ कर दिया गया है। जिसमें अभी घायल हुए 5 तेंदुए सहित दो बाघों का उपचार चल रहा है। इस रेस्क्यू सेंटर में अभी उपचार के लिए पांच तेंदुए व दो बाघों को लाया गया है, जिसमें से दो तेंदुए ऋषिकेश, दो रुद्रपुर के जंगल व एक नैनीताल जू से लाया गया है। बता दें इसमें ग्रामीणों पर हमला करने वाले दो तेंदुए हैं जबकि तीन तेंदुए को घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था। जिनका उपचार यहां पर चल रहा है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल कुमार ने बताया कि इस रेस्क्यू सेंटर में बाघ व तेंदुओं का हमारे चिकित्सकों की देखरेख में उपचार किया जा रहा है, जिनका स्वास्थ्य सुधार होने के बाद जंगल में छोड़ दिया जाएगा उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस रेस्क्यू सेंटर की पूरी टीम वन्यजीवों के इलाज में अहम भूमिका निभाएगी।




