देहरादून- (फाइल फोटो )उत्तरकाशी के द्रौपदी का डांडा-2 पर्वत चोटी में हिमस्खलन की चपेट में आए कई प्रशिक्षार्थियों के हताहत होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह कष्ट सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
इस बीच उत्तरकाशी से खबर आ रही है कि यहां पर चार पर्वतारोही के शवों को रेस्क्यू टीम ने खोज निकाला है यह घटना उस समय घटी जब 22 सितंबर से 8 अक्टूबर तक एडवांस कोर्स नंबर 172 में 34 प्रशिक्षणार्थियों 7 प्रशिक्षक एक नर्स कुल 42 लोगों की टीम 2 से 4 अक्टूबर को 34 प्रशिक्षणार्थी साथ प्रशिक्षक कुल 41 लोग high-altitude कैंप से द्रोपदी के डंडा दो पर्वत ऊंचाई 5670 मीटर के समिट आरोहण हेतु गए थे इस दौरान 4 अक्टूबर को सुबह 8:45 पर आरोहण से वापस आते समय लगभग 17000 फीट की ऊंचाई के आसपास हिमस्खलन के कारण उक्त दल इसकी चपेट में आ गया जिनका टीम के अन्य सदस्यों द्वारा रेस्क्यू किया गया अभी तक रेस्क्यू टीम द्वारा चार सदस्यों के शव निकाले गए हैं जो नेहरू बेस कैंप डोकरानी में है।
घटना की सूचना मिलने के बाद प्राइवेट हेलीकॉप्टर के माध्यम से एसडीआरएफ के 5 सदस्य दल एवं तीन निम के प्रशिक्षित डोकरानी में हेलीकॉप्टर द्वारा गए जिसके बाद मौसम खराब होने के बाद हेलीकॉप्टर वापस देहरादून आ गया इस बीच एयर फोर्स बेस कैंप सरसावा उत्तर प्रदेश से दो हेलीकॉप्टर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण रेकी सर्वेक्षण कर वापस हरसिल आर्मी हेलीपैड में रुके हैं जिस् की सूचना के अनुसार वह लोग करीब 17000 फीट की ऊंचाई में फंसे हैं वर्तमान में मौसम अनुकूल ना होने के कारण रेस्क्यू अभियान कल चलाया जाएगा वही एयर फोर्स बरेली स्टेशन से एएलएच आर्मी हेलीकॉप्टर आइटीबीपी हेलीपैड मातली में रुका हुआ है जिसके द्वारा सुबह रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है ।




