देहरादून-: अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण गैस एवं कोयले के दामों में अप्रत्यक्ष वृद्धि एवं अत्यधिक तापमान आदि कारणों से विद्युत की मांग एवं उपलब्धता में भारी अंतर आ रहा है 1 मई को विद्युत की कुल अनुमानित मांग और 45,47 mu के सापेक्ष अधिकतर समय में पूर्ण उपलब्धता रही है इसके कारण शाम 6:00 बजे तक प्रदेश में कोई रोस्टिंग नहीं की गई है।
मौसम में कुछ परिवर्तन रूख दिख रहा है जिसके मांग में मामूली कमी दर्ज होने की उम्मीद है इसके बावजूद भी 2 मई को विद्युत की कुल अनुमानित मांग 46,24mu के सापेक्ष राज्य एवं केंद्रीय पूल से कुल विद्युत की उपलब्धता लगभग 33 एम यू है इस प्रकार विद्युत की मांग में कुल कमी 12,78 आई है।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने जारी एक बयान में कहा कि उपभोक्ताओं को सुचारू विद्युत आपूर्ति कराए जाने के उद्देश्य से एनर्जी एक्सचेंज के माध्यम से 12,07 mu विद्युत क्रय कर प्राविधानित की गई जिसके पश्चात मांग तथा उपलब्धता में 1,12 mu अंतर शेष है।
उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने उपभोक्ताओं,प्रदेश की जनता के साथ-साथ सरकारी एवं गैर सरकारी कार्यालयों के विभागाध्यक्षो, से घरों एवं कार्यालयों में यथासंभव विद्युत बचत के साथ प्रयोग करते हुए राष्ट्रहित एवं प्रदेश हित में अपना सहयोग प्रदान करते की अपील की है श्री कुमार ने यह भी बताया कि अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड राज्य में रोस्टिंग अत्यंत कम की जा रही है किंतु एनर्जी एक्सचेंज विद्युत की अधिक दरों एवं पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण विद्युत का बचत का महत्व और अधिक बढ़ जाता है।




