कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज में मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई ।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला रेंज अंतर्गत सावल्दे पश्चिमी क्षेत्र में एक दुःखद मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटना घटित हुई, जिसमें जंगल में लकड़ी बीनने गई एक महिला पर बाघ द्वारा हमला किए जाने से उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना को वन विभाग अत्यंत गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
घटना के तुरंत पश्चात क्षेत्र में सुरक्षा एवं नियंत्रण के दृष्टिगत मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक, उत्तराखंड महोदय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर बाघ को रेस्क्यू करने हेतु पिंजरा लगाने एवं ट्रैंक्विलाइजेशन (बेहोश कर पकड़ने) की अनुमति प्राप्त कर ली गई।
अनुमति के क्रम में संवेदनशील क्षेत्र में पिंजरा स्थापित कर दिया गया है।
बाघ की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखने के उद्देश्य से क्षेत्र में कैमरा ट्रैप्स भी लगाए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, बाघ की मूवमेंट एवं संभावित ठिकानों पर नजर रखने हेतु दो हाथियों की सहायता से वन्यजीव चिकित्सक एवं कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की अनुभवी टीम द्वारा लगातार सघन सर्च एवं निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है।
संवेदनशील एवं दुर्गम क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन के माध्यम से भी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे बाघ की सटीक लोकेशन एवं मूवमेंट की जानकारी प्राप्त की जा सके।
मानव–वन्यजीव संघर्ष राहत वितरण नियमावली, 2012 के अंतर्गत मृतका के परिजनों को ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) की प्राथमिक राहत राशि का चेक वितरित कर दिया गया है।
वन विभाग द्वारा क्षेत्रीय जनता से अपील की जाती है कि वे विशेष सतर्कता बरतें। शीतकालीन अवधि वन्यजीवों के लिए अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहने का समय होता है, अतः इस अवधि में जंगल में अनावश्यक प्रवेश न करें, विशेषकर अकेले अथवा तड़के/सांझ के समय, जिससे किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
क्षेत्र में सघन गश्त लगातार जारी है तथा स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण हेतु सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वन्यजीव संरक्षण एवं मानव–वन्यजीव सहअस्तित्व के संतुलन हेतु प्रतिबद्ध है।
— कॉर्बेट टाइगर रिजर्व




